सोना-चांदी में फिर आई तेजी, चांदी 2.41 लाख के पार
सर्राफा बाजार में सोना 2090 रुपये और चांदी 3580 रुपये महंगी हुई। जानें एमसीएक्स, अंतरराष्ट्रीय बाजार और निवेश रणनीति की पूरी रिपोर्ट।
➤ चांदी 3580 रुपये उछली, 2.41 लाख प्रति किलो पर पहुंची
➤ सोना 2090 रुपये महंगा होकर 1.54 लाख प्रति 10 ग्राम
➤ एमसीएक्स पर गिरावट, अंतरराष्ट्रीय बाजार में खरीदारी के संकेत
शुक्रवार को घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। चांदी 3580 रुपये की उछाल के साथ 2.41 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई, जबकि सोना 2090 रुपये महंगा होकर 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार जानकारों का कहना है कि वैश्विक संकेतों में सुधार और निवेशकों की नई खरीदारी ने कीमतों को सहारा दिया है। सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं की मांग बढ़ने से बाजार में मजबूती बनी हुई है।
एमसीएक्स पर दबाव, वायदा बाजार में मुनाफावसूली
हालांकि वायदा कारोबार में गिरावट का रुख देखने को मिला। Multi Commodity Exchange of India (एमसीएक्स) पर शुरुआती कारोबार में सोने का भाव 6,074 रुपये गिरकर 1,52,681 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी 26,518 रुपये सस्ती होकर 2,36,500 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। विशेषज्ञों के अनुसार, वायदा बाजार में मुनाफावसूली और डॉलर इंडेक्स में मजबूती के चलते यह गिरावट दर्ज की गई।
घरेलू बाजार में पिछले सत्र का हाल
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 400 रुपये गिरकर 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई थी। वहीं चांदी 2,68,500 रुपये प्रति किलो पर स्थिर रही। इससे साफ है कि बाजार में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती के संकेत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX पर चांदी में वैल्यू बाइंग देखने को मिली। इंट्राडे कारोबार में चांदी 77.045 डॉलर प्रति औंस के उच्च स्तर तक पहुंच गई, जो 1.25 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्शाता है। सोना भी हरे निशान में ट्रेड करता दिखा और लगभग 1.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना रहा।
उच्च स्तर से 16 से 43 प्रतिशत तक फिसले दाम
साल 2026 में सोना और चांदी भारी उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहे हैं। पिछले वर्ष की रिकॉर्ड तेजी के बाद दोनों धातुएं अपने उच्च स्तर से करीब 16 से 43 प्रतिशत तक फिसल चुकी हैं। मजबूत अमेरिकी डॉलर और Federal Reserve की नीतियों को लेकर बदलती उम्मीदों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है।
निवेशकों के लिए रणनीति क्या हो
घरेलू ब्रोकरेज एमके वेल्थ का मानना है कि सोना और चांदी 3 से 5 वर्षों के बुल रन में हैं। अनुकूल मैक्रोइकोनॉमिक परिस्थितियां और संरचनात्मक मांग इस तेजी को समर्थन दे रही हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक अपने विविधीकृत पोर्टफोलियो में सोना-चांदी को बनाए रखें और नई खरीदारी चरणबद्ध तरीके से, खासकर गिरावट के दौरान करें।
Akhil Mahajan