दिग्विजय और केजरीवाल साथ -साथ, हरियाणा में गेम बदल सकता है! आपकी क्‍या राय है

दिग्विजय चौटाला और अरविंद केजरीवाल की मुलाकात के बाद हरियाणा में JJP-AAP गठबंधन की अटकलें तेज हो गई हैं, खासकर नगर निकाय चुनाव से पहले।

दिग्विजय और केजरीवाल साथ -साथ, हरियाणा में गेम बदल सकता है! आपकी क्‍या राय है
  • जय-केजरीवाल मुलाकात से गठबंधन की चर्चा तेज
  • JJP-AAP के बीच सियासी समीकरण बनने के संकेत
  • नगर निकाय चुनाव से पहले हरियाणा की राजनीति में हलचल

दिग्विजय सिंह चौटाला और अरविंद केजरीवाल की मुलाकात के बाद हरियाणा में नए सियासी समीकरण की  अटकलों का दौर तेज हो गया है। JJP और AAP के बीच इन नजदीकियों को  संभावित गठबंधन के चश्‍मे से देखा जाने लगा है। हो भी क्‍यूं न,  जननायक जनता पार्टी (JJP) नेता दिग्विजय सिंह चौटाला खुद  ट्वीट कर इसके संकेत दे चुके हैं।  इस ट्वीट में दिग्विजय आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ खड़े हैं और उन्हें फूलों का गुलदस्ता देते हुए नजर आ रहे हैं। नायब सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए लिख रहे हैं कि , 'आदरणीय पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय संयोजक AAP श्री अरविंद केजरीवाल जी से देर शाम उनके निवास स्थान पर मुलाकात हुई। हरियाणा में बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ते जंगलराज पर गंभीर चर्चा हुई.' इस  ट्वीट के बाद सियासी गलियारों में JJP और AAP के बीच संभावित गठबंधन की अटकलें तेज हो गईं हैं। 

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, JJP और AAP के बीच यह कोई साधारण मुलाकात नहीं मानी जा रही है। दिग्विजय चौटाला, अजय सिंह चौटाला के बेटे और JJP के मजबूत युवा चेहरे हैं। ऐसे में उनकी इस पहल को भविष्य की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। इतिहास पर नजर डालें तो वर्ष 2019 के जींद उपचुनाव में AAP ने JJP के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारा था, जिसे अप्रत्यक्ष समर्थन माना गया था। हालांकि 2024 के विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया था। इसके बावजूद दोनों दलों के बीच संवाद की संभावनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं।

अब जबकि हरियाणा में नगर निकाय चुनाव नजदीक हैं, इस मुलाकात को और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर दोनों दल साथ आते हैं, तो यह गठबंधन बीजेपी और कांग्रेस के खिलाफ एक नया मोर्चा खोल सकता है। हालांकि, दोनों पार्टियों की ओर से किसी भी तरह के औपचारिक गठबंधन की पुष्टि नहीं की गई है। फिर भी इस मुलाकात ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि हरियाणा की राजनीति में आने वाले समय में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।