हरियाणा राज्यसभा चुनाव के बाद सियासी घमासान जारी , नांदल हाईकोर्ट जाने की तैयारी में, क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस में हलचल
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में हार के बाद सतीश नांदल हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं। उन्होंने हुड्डा पर वोट प्रभावित करने का आरोप लगाया है, जबकि क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस में संकट गहरा गया है।
■ हार के बाद नांदल हाईकोर्ट जाने की तैयारी में
■ हुड्डा पर वोट प्रभावित करने का आरोप, वोट रद्द करने की मांग
■ क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस में अंदरूनी संकट गहराया
हरियाणा राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद सियासत घमासान जारी है। चुनाव हारने वाले निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल अब कानूनी लड़ाई की तैयारी में हैं और उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करने का संकेत दिया है। नांदल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ऐलनाबाद से कांग्रेस विधायक भरत सिंह बेनीवाल का वोट रद्द किया जाना चाहिए, क्योंकि मतदान के दौरान नियमों का उल्लंघन हुआ।
नांदल के मुताबिक, जब भरत सिंह बेनीवाल वोट डालने पहुंचे तो कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उन्हें हाथ लगाया, जबकि मतदान के दौरान दूरी बनाए रखना जरूरी होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह वोट को प्रभावित करने की कोशिश थी और यदि यह वोट रद्द होता है तो चुनाव परिणाम बदल सकते हैं।
इधर, कांग्रेस के उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध की जीत के बावजूद पार्टी में खुशी का माहौल नहीं है। इसकी सबसे बड़ी वजह पांच विधायकों द्वारा की गई क्रॉस वोटिंग बताई जा रही है। हालांकि इन विधायकों के नाम अब तक आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आए हैं, लेकिन पार्टी नेतृत्व इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से ले रहा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने साफ कहा कि सभी विधायकों को पार्टी लाइन के अनुसार वोट देने के निर्देश दिए गए थे। यहां तक कि विधायकों को शिमला में दो दिन की ट्रेनिंग भी दी गई थी, ताकि कोई गलती न हो। इसके बावजूद क्रॉस वोटिंग होना दर्शाता है कि यह एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में पार्टी सख्त कार्रवाई कर सकती है।
वहीं, सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने भी इस मुद्दे पर विरोध का रुख अपनाया है। उन्होंने घोषणा की है कि वे चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस मुख्यालय में धरने पर बैठेंगे। सेतिया ने कहा कि उनका नाम गलत तरीके से उछाला जा रहा है और वे पार्टी नेतृत्व से मांग करेंगे कि जिन विधायकों ने नुकसान पहुंचाया है, उनके नाम सार्वजनिक किए जाएं।
क्रॉस वोटिंग के आरोपों पर अन्य कांग्रेस विधायकों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। हथीन विधायक मोहम्मद इजराइल ने आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया और कहा कि यदि पार्टी नोटिस देती है तो वे उसका जवाब देंगे। सढ़ौरा से विधायक रेणु बाला ने भी आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि उन्होंने पार्टी लाइन में ही वोट किया है।
बादली से विधायक कुलदीप वत्स ने इस पूरे मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कांग्रेस में काम करने वालों की कद्र नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में रहना है या नहीं, इसका फैसला समय करेगा। उनके बयान से पार्टी के अंदर असंतोष की झलक साफ दिखाई दे रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस हाईकमान के सामने अब दोहरी चुनौती है। यदि सख्त कार्रवाई की जाती है तो संगठन में टूट का खतरा बढ़ सकता है, वहीं नरमी दिखाने पर नेतृत्व की कमजोरी का संदेश जा सकता है। ऐसे में संभावना है कि पार्टी पहले संबंधित विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सकती है और बाद में आगे की रणनीति तय करेगी।
Akhil Mahajan