क्रॉस वोटिंग पर हुड्डा का वार: “नैतिकता है तो इस्तीफा दें”, सरकार पर भी साधा निशाना

भूपेंद्र हुड्डा ने क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों से इस्तीफे की मांग की, सरकार पर भी कई मुद्दों पर निशाना साधा।

क्रॉस वोटिंग पर हुड्डा का वार: “नैतिकता है तो इस्तीफा दें”, सरकार पर भी साधा निशाना

क्रॉस वोट करने वाले विधायकों से हुड्डा की दो टूक, इस्तीफे की मांग
कांग्रेस ने भेजा नोटिस, अब हाईकमान करेगा अंतिम फैसला
सरकार पर साधा निशाना, किसानों और गैस किल्लत पर उठाए सवाल


रोहतक में हरियाणा की राजनीति एक बार फिर गरमा गई, जब पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष Bhupinder Singh Hooda ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले कांग्रेस विधायकों पर कड़ा रुख अपनाया। अपने रोहतक स्थित आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर ऐसे विधायकों में जरा भी नैतिकता बची है तो उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। हुड्डा ने कहा कि इन विधायकों ने सिर्फ पार्टी के साथ ही नहीं, बल्कि अपने मतदाताओं के विश्वास को भी तोड़ा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।

हुड्डा ने यह भी याद दिलाया कि पहले भी ऐसे मामलों में क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों ने पार्टी छोड़ दी थी, इसलिए इस बार भी उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए खुद आगे आकर इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने ऐसे विधायकों को नोटिस जारी कर दिया है और अब इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान द्वारा लिया जाएगा। उनके अनुसार अनुशासनहीनता को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रेस वार्ता के दौरान हुड्डा ने हरियाणा की मौजूदा सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की रिपोर्ट ने ही प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है। उनके मुताबिक, प्रदेश में किसी भी क्षेत्र में संतोषजनक काम नहीं हुआ है और हर वर्ग सरकार की नीतियों से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों की गति धीमी है और आम जनता को राहत नहीं मिल पा रही।

किसानों के मुद्दे को उठाते हुए हुड्डा ने बेमौसमी बारिश से खराब हुई फसलों की तुरंत गिरदावरी कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा मिलना चाहिए, ताकि वे आर्थिक नुकसान से उबर सकें। इसके अलावा गेहूं खरीद को लेकर ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट अनिवार्य करने के फैसले का भी उन्होंने विरोध किया और कहा कि कई जमीनें महिलाओं के नाम होती हैं, ऐसे में यह फैसला किसानों के लिए नई परेशानी खड़ी करेगा, इसलिए सरकार को इसे तुरंत वापस लेना चाहिए।

गैस किल्लत के मुद्दे पर भी हुड्डा ने सरकार को घेरते हुए कहा कि यदि वास्तव में गैस का पर्याप्त स्टॉक है, तो सरकार को उसकी आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए और जनता के बीच विश्वास कायम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल दावों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करके ही लोगों को राहत मिल सकती है।