हाई ब्लड प्रेशर रोकने और उसका इलाज करने में मिलेगी बड़ी मदद, AHA ने जारी की नई गाइडलाइन

AHA और ACC ने हाई ब्लड प्रेशर पर नई गाइडलाइन जारी की। सभी एडल्ट्स का लक्ष्य 130/80 mm Hg, प्रेग्नेंसी और ब्रेन हेल्थ पर खास जोर। DASH डाइट और लाइफस्टाइल बदलाव से ब्लड प्रेशर नियंत्रित।

हाई ब्लड प्रेशर रोकने और उसका इलाज करने में मिलेगी बड़ी मदद, AHA ने जारी की नई गाइडलाइन

➤ अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और ACC ने हाई ब्लड प्रेशर पर नई गाइडलाइन जारी
➤ सभी एडल्ट्स का ब्लड प्रेशर लक्ष्य अब 130/80 mm Hg, प्रेग्नेंसी और ब्रेन हेल्थ पर खास जोर
➤ DASH डाइट और लाइफस्टाइल बदलाव से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित किया जा सकता है

नई दिल्ली, 09 सितंबर 2025। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) और अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी (ACC) ने हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) पर नई गाइडलाइन जारी की है। यह पिछले 6 साल में पहला बड़ा अपडेट है, जिसका उद्देश्य हाई ब्लड प्रेशर को रोकना और उसका प्रभावी इलाज करना है। AHA और ACC का अनुमान है कि अमेरिका के लगभग आधे वयस्क हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इसे “साइलेंट किलर” कहता है, क्योंकि शुरू में इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते।

नई गाइडलाइन के अनुसार, सभी वयस्कों का ब्लड प्रेशर लक्ष्य 130/80 mm Hg से कम रखना चाहिए। इसका प्रमुख कारण यह है कि रिसर्च से पता चला है कि कम ब्लड प्रेशर रखने से दिल, किडनी और दिमाग की सेहत बेहतर रहती है। प्रेग्नेंसी में ब्लड प्रेशर पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रीक्लेम्पसिया जैसी जटिलताओं से बचने के लिए प्रेग्नेंसी से पहले, दौरान और बाद में बीपी की नियमित जांच जरूरी है। कुछ मामलों में लो-डोज एस्पिरिन लेने की सलाह भी दी जाती है।

नई गाइडलाइन में पहली बार ब्रेन हेल्थ पर जोर दिया गया है। हाई ब्लड प्रेशर से डिमेंशिया, स्ट्रोक और कोग्निटिव डिक्लाइन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए चिकित्सक सलाह देते हैं कि ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करना दिमाग की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। इसके लिए PREVENT नाम का रिस्क कैलकुलेटर पेश किया गया है, जो उम्र, बीपी, कोलेस्ट्रॉल और स्थान के आधार पर 10-30 साल के हार्ट रिस्क का आंकलन करता है।

ब्लड प्रेशर नियंत्रण में DASH डाइट (Dietary Approaches to Stop Hypertension) को भी शामिल किया गया है। इसमें नमक कम करना, फलों-सब्जियों का सेवन बढ़ाना और संतुलित पोषण शामिल है। इसके अलावा, लाइफस्टाइल बदलाव जैसे नियमित एक्सरसाइज, तनाव प्रबंधन, वजन नियंत्रण, शराब और धूम्रपान से बचाव भी जरूरी है।

हाई ब्लड प्रेशर के सामान्य कारणों में उम्र बढ़ना, ओबेसिटी, डायबिटीज, स्लीप एप्निया, थायरॉइड प्रॉब्लम, ज्यादा नमक का सेवन और पारिवारिक इतिहास शामिल हैं। स्टेज 1 में 3-6 महीने के लाइफस्टाइल बदलाव के बाद यदि बीपी 130/80 से ऊपर रहे, तो दवा शुरू की जा सकती है। नई गाइडलाइन में ACE इन्हिबिटर्स, ARBs, कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स और थियाजाइड डाइयुरेटिक्स की सिफारिश की गई है।

डॉक्टरों का कहना है कि ब्लड प्रेशर को समय रहते नियंत्रित करना दिल, किडनी और दिमाग को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकता है। वजन में हल्का कमी, नियमित मॉनिटरिंग और सही पोषण के जरिए हाई ब्लड प्रेशर को रोका और नियंत्रित किया जा सकता है।