कांग्रेस विधायक SDM के लिए झुनझुना लाए:कैथल में बोले- पकड़ो और जाकर बजाते रहो, जानें वजह
कैथल में दुकानों की लंबाई और किराया बढ़ाने के विरोध में कांग्रेस विधायक ने SDM को झुनझुना देने की कोशिश की। विवाद का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने आरोप खारिज किए।
कैथल में कांग्रेस विधायक ने SDM को झुनझुना देने की कोशिश की
दुकानों की लंबाई और किराया बढ़ाने को लेकर BDPO कार्यालय में हंगामा
SDM ने आरोप खारिज किए, नियमों के तहत काम होने की बात कही
हरियाणा के कैथल जिले में सोमवार को गुहला चीका से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस और SDM कैप्टन प्रमेश सिंह के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मामला चीका BDPO ब्लॉक परिसर में बनी दुकानों की लंबाई और किराया बढ़ाने से जुड़ा है। विरोध के दौरान विधायक ने SDM को बच्चों का झुनझुना देने की कोशिश की और कहा कि इसे पकड़ो और जाकर बजाते रहो।
सोमवार को विधायक देवेंद्र हंस कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ दुकानों की लंबाई और किराया बढ़ाने के विरोध में ब्लॉक डेवलपमेंट पंचायत ऑफिस पहुंचे थे। यहां उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी जमीन को खुर्दबुर्द कर बिना मंजूरी दुकानों की लंबाई बढ़ाई गई और इसके बदले मोटी रकम ली गई।
विधायक का कहना था कि शहीद ऊधम सिंह चौक स्थित BDPO परिसर की पिहोवा रोड की तरफ बनी 8 दुकानों की लंबाई पहले करीब 10 फीट थी, जिसे दिसंबर में बिना सरकारी अनुमति बढ़ा दिया गया। उन्होंने दावा किया कि इस पर शिकायत मिलने के बाद SDM ने पहले निर्माण कार्य को गलत ठहराते हुए रोकने के आदेश दिए थे, लेकिन बाद में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
इसी दौरान SDM और विधायक के बीच कहासुनी का वीडियो सामने आया, जिसमें विधायक एक व्यक्ति की जैकेट से झुनझुना निकालकर SDM को देने की कोशिश करते दिखे। SDM ने इसे लेने से मना किया और पीछे हट गए। इसके बाद मौके पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
विवाद के बाद SDM कैप्टन प्रमेश सिंह ने स्पष्ट किया कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच करवाई गई थी। जांच में सामने आया कि दुकानों की लंबाई और किराया बढ़ाने का प्रस्ताव पंचायत समिति की बैठक में पारित किया गया था और यह कार्य विकास एवं पंचायत विभाग के 22 जनवरी 2025 के निर्देशों के अनुरूप किया गया।
SDM ने कहा कि शिकायतकर्ताओं से सबूत मांगे गए, लेकिन कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि पंचायती राज विभाग द्वारा कोई अनियमितता नहीं बरती गई। साथ ही BDPO को निर्देश दिए गए कि दुकानों से होने वाली आय वित्तीय सिद्धांतों के अनुसार सुनिश्चित की जाए और सरकारी धन का दुरुपयोग न हो।
Akhil Mahajan