भाजपा और कांग्रेस से जुड़ाव के बाद अब इनेलो साथ राजवीर दहिया! अभय चौटाला से मुलाकात चर्चा में

गोहाना से निर्दलीय चुनाव लड़ चुके राजवीर दहिया ने अभय चौटाला से मुलाकात की। माना जा रहा है कि 25 सितंबर की रोहतक रैली में उनकी मौजूदगी इनेलो संग नए सियासी समीकरणों का संकेत देगी।

भाजपा और कांग्रेस से जुड़ाव के बाद अब इनेलो साथ राजवीर दहिया! अभय चौटाला से मुलाकात चर्चा में

गोहाना से निर्दलीय चुनाव लड़ चुके राजवीर दहिया ने अभय चौटाला से मुलाकात की
भाजपा और कांग्रेस से जुड़ाव के बाद अब इनेलो संग नए समीकरणों की चर्चा
25 सितंबर को रोहतक रैली में दिखेगी दहिया की अगली राजनीतिक पारी की झलक

सुशील मोर 


हरियाणा की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। गोहाना से निर्दलीय चुनाव लड़ चुके नेता राजवीर सिंह दहिया ने हाल ही में इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

राजवीर दहिया का राजनीतिक सफर हमेशा से ही चर्चाओं में रहा है। वे पहले कांग्रेस से जुड़े रहे, उसके बाद भाजपा में सक्रिय हुए। हालांकि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा से टिकट न मिलने पर उन्होंने पार्टी छोड़ दी और निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे। अब चौटाला से उनकी नजदीकियों ने एक बार फिर उनके भविष्य की दिशा को लेकर चर्चाओं को हवा दे दी है।

मुलाकात के बाद दहिया ने खुद कहा कि वे चौधरी देवीलाल को अपना आदरणीय मानते हैं और 25 सितंबर को रोहतक में होने वाली ताऊ देवीलाल जयंती व इनेलो की शक्ति प्रदर्शन रैली में शिरकत करेंगे। इस बयान से साफ है कि दहिया अपनी राजनीतिक पारी का अगला कदम इनेलो के साथ बढ़ा सकते हैं।

इनेलो के लिए यह रैली बेहद अहम मानी जा रही है। पार्टी इस मौके पर अपनी ताकत का प्रदर्शन कर प्रदेश की राजनीति में अपनी सक्रिय मौजूदगी का ऐलान करना चाहती है। यदि दहिया जैसे प्रभावशाली नेता इस मंच पर नजर आते हैं तो निश्चित रूप से यह गोहाना, सोनीपत और पूरे हरियाणा की राजनीति में नए समीकरण गढ़ देगा।

स्थानीय स्तर पर भी लोग इसे दहिया के भविष्य से जोड़कर देख रहे हैं। चर्चाओं का दौर है कि वे आने वाले विधानसभा चुनावों में इनेलो की ओर से सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। अब सबकी निगाहें 25 सितंबर की रैली पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि राजवीर दहिया की सियासत किस दिशा में आगे बढ़ेगी – क्या वे इनेलो को मजबूती देंगे या फिर यह मुलाकात महज एक औपचारिकता साबित होगी।