बजट के झटके से बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 1600 अंक टूटा

बजट के बाद STT बढ़ाने के फैसले से शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। सेंसेक्स 1600 अंक टूटा और निफ्टी 24,800 के नीचे फिसल गया। फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग महंगी होने से निवेशकों में चिंता बढ़ी।

बजट के झटके से बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 1600 अंक टूटा

STT बढ़ते ही शेयर बाजार में तेज बिकवाली
सेंसेक्स 80,600 और निफ्टी 24,800 के नीचे फिसला
फ्यूचर्स-ऑप्शंस ट्रेडिंग महंगी होने से निवेशक सतर्क


आम बजट के ऐलान के तुरंत बाद शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। शनिवार 1 फरवरी को बजट पेश होने के दौरान सेंसेक्स करीब 1600 अंक टूटकर 80,600 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी में 550 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,800 के नीचे फिसल गया। बाजार में इस तेज गिरावट की सबसे बड़ी वजह फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) बढ़ाया जाना माना जा रहा है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में फ्यूचर्स पर लगने वाले STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% करने का ऐलान किया। इसके साथ ही ऑप्शंस प्रीमियम और ऑप्शंस एक्सरसाइज पर भी STT बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया। इस घोषणा के बाद निवेशकों और ट्रेडर्स में घबराहट देखने को मिली और बाजार में जोरदार बिकवाली शुरू हो गई।

30 में से 28 शेयर लुढ़के, सरकारी बैंक सबसे ज्यादा दबाव में


सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 28 शेयर गिरावट में कारोबार करते दिखे, जबकि केवल 2 शेयरों में ही मामूली तेजी रही। BEL, SBI और NTPC जैसे बड़े शेयरों में 4% तक की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी के सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे। सबसे ज्यादा नुकसान सरकारी बैंक सेक्टर को हुआ, जहां करीब 4% की गिरावट देखने को मिली।

इसके अलावा मेटल, मीडिया, FMCG, IT, फार्मा, फाइनेंशियल सर्विसेज और रियल्टी समेत लगभग सभी सेक्टर्स में दबाव बना रहा, जिससे बाजार की चौड़ाई पूरी तरह कमजोर नजर आई।

ऑप्शंस ट्रेडिंग महंगी, मुनाफे पर पड़ेगा असर


सरकार ने ऑप्शंस ट्रेडिंग से जुड़े दोनों टैक्स बढ़ा दिए हैं। ऑप्शंस प्रीमियम पर लगने वाला टैक्स 0.10% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है। वहीं, ऑप्शंस एक्सरसाइज पर लगने वाला टैक्स 0.125% से बढ़ाकर 0.15% किया गया है। इसका सीधा असर उन निवेशकों पर पड़ेगा, जो डेरिवेटिव्स में सक्रिय रूप से ट्रेडिंग करते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि टैक्स बढ़ने से ट्रेडिंग कॉस्ट बढ़ेगी, जिससे शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स का मुनाफा घट सकता है और घाटे की स्थिति में नुकसान और ज्यादा बढ़ सकता है।

STT बढ़ते ही ब्रोकिंग और एक्सचेंज शेयर टूटे


STT बढ़ाने की घोषणा के बाद ब्रोकिंग फर्मों और स्टॉक एक्सचेंज से जुड़े शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। कई शेयरों में 10% तक की गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को डर है कि ट्रेडिंग महंगी होने से वॉल्यूम घट सकता है, जिसका असर इन कंपनियों की कमाई पर पड़ेगा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बढ़ाया दबाव


बाजार पर दबाव की एक और बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की बिकवाली रही। 30 जनवरी को FII ने 601 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,251 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। दिसंबर 2025 में FIIs कुल 34,350 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं, जबकि DIIs ने 79,620 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश की है।

बजट के दौरान उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका


मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट के दिन बाजार में तेज वोलैटिलिटी बनी रह सकती है। रविवार को बाजार खुला रहने से निवेशकों को पोजीशन संभालने का मौका मिल रहा है, लेकिन बड़े टैक्स और पॉलिसी फैसलों पर बाजार की प्रतिक्रिया तुरंत और तीखी हो सकती है।