कुर्सी छोड़ जमीन पर बैठे शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा, लोगों की समस्याएं सुनीं

पानीपत में जनता दरबार के दौरान हरियाणा के शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा जमीन पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुनते नजर आए। उनके इस सादगीपूर्ण अंदाज की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।

कुर्सी छोड़ जमीन पर बैठे शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा, लोगों की समस्याएं सुनीं
  • पानीपत में जनता दरबार के दौरान जमीन पर उकड़ू बैठकर लोगों की समस्याएं सुनीं शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने
  • कहा- व्यवस्था बदली है, अब जो जहां बैठा होगा, मैं खुद उसके पास जाऊंगा
  • अर्जुन चौटाला-SP विवाद पर बोले- राजनीति में संयम, धैर्य और शालीनता जरूरी

हरियाणा के शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा का गुरुवार को पानीपत में आयोजित जनता दरबार के दौरान एक अलग और सादगी भरा अंदाज देखने को मिला। सेक्टर 13-17 स्थित भाजपा जिला कार्यालय श्याम कमल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पारंपरिक व्यवस्था से हटकर जमीन पर उकड़ू बैठकर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके प्रार्थना पत्र स्वीकार किए।

आमतौर पर जनता दरबार में मंत्री और अधिकारी मेज-कुर्सी पर बैठकर शिकायतें सुनते हैं, लेकिन महिपाल ढांडा ने सीधे लोगों के बीच जाकर संवाद स्थापित किया। उनके इस कदम की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है और लोग इसे जनसरोकारों से जुड़ा प्रयास मान रहे हैं।

जनसुनवाई के दौरान शिक्षामंत्री ने कहा कि कई बार भीड़ अधिक होने के कारण जरूरतमंद लोग मंत्री या अधिकारियों तक पहुंच नहीं पाते। ऐसे में उनकी समस्याएं लंबित रह जाती हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल व्यवस्था में थोड़ा बदलाव किया है ताकि हर व्यक्ति की बात सुनी जा सके।

महिपाल ढांडा ने कहा, "अब जो व्यक्ति अपनी समस्या लेकर जहां भी बैठा होगा, मैं खुद उसके पास पहुंचूंगा और उसकी बात सुनूंगा। इससे अंतिम व्यक्ति तक सुनवाई सुनिश्चित हो सकेगी।"

जनता दरबार के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षामंत्री ने हाल ही में इनेलो नेता अर्जुन चौटाला और एक पुलिस अधिकारी के बीच हुए विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अनुचित व्यवहार करने वाले लोग राजनीति में लंबे समय तक सफल नहीं हो सकते।

उन्होंने कहा कि राजनीति में सफलता के लिए संयम, धैर्य और शालीनता सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। हर जनप्रतिनिधि को अपने व्यवहार में इन मूल्यों को बनाए रखना चाहिए।

एक अन्य सवाल के जवाब में शिक्षामंत्री ने कॉकरेच जनता पार्टी को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस संगठन का कोई राजनीतिक वर्चस्व नहीं है और इस विषय पर ज्यादा ऊर्जा खर्च करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी चीजें समय-समय पर आती-जाती रहती हैं।

शिक्षामंत्री के जमीन पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुनने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।