कुरुक्षेत्र में बिजली कटौती पर बवाल, SDO-JE का घेराव कर जमीन पर बैठाया; ग्रामीण बोले- पावर हाउस में लाइनमैन ही नहीं

कुरुक्षेत्र के भैंसी माजरा गांव में लगातार बिजली कटौती से नाराज ग्रामीणों ने पावर हाउस का घेराव कर SDO और JE को जमीन पर बैठा लिया। आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।

कुरुक्षेत्र में बिजली कटौती पर बवाल, SDO-JE का घेराव कर जमीन पर बैठाया; ग्रामीण बोले- पावर हाउस में लाइनमैन ही नहीं

लगातार बिजली कटौती से नाराज ग्रामीणों ने रात में पावर हाउस का किया घेराव

SDO और JE को आधे घंटे तक जमीन पर बैठाकर पूछे सवाल, विभाग के खिलाफ नारेबाजी

आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला, SDO बोले- बिजली कट पंचकूला कंट्रोल से लगते हैं


हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के भैंसी माजरा गांव में लगातार हो रही बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार रात फूट पड़ा। रात करीब 10 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण गांव के पास स्थित पावर हाउस पहुंच गए और बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए घेराव कर दिया। ग्रामीण करीब तीन घंटे तक मौके पर डटे रहे। बाद में सूचना मिलने पर पिहोवा बिजली विभाग के ग्रामीण SDO सुभाष कुमार और JE आकाशदीप मौके पर पहुंचे, लेकिन उनके पहुंचते ही लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामीणों ने दोनों अधिकारियों का घेराव कर उन्हें अपने साथ जमीन पर बैठा लिया और करीब आधे घंटे तक बिजली व्यवस्था को लेकर सवाल-जवाब किए।

JE से पूछा- बिजली कट की सूचना क्यों नहीं दी गई

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि पिडांरसी के पास बिजली लाइन पर कोई कार्य चल रहा था तो इसकी सूचना पहले से व्हाट्सएप ग्रुप या अन्य माध्यम से दी जानी चाहिए थी। उनका कहना था कि बातचीत के बावजूद JE ने कोई संदेश जारी नहीं किया। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि लाइन में फॉल्ट आने पर लाइनमैन को समय पर पहुंचना चाहिए, लेकिन कर्मचारी निर्धारित समय के बजाय काफी देर से पहुंचते हैं।

SDO से देर से पहुंचने का कारण पूछा

ग्रामीणों ने SDO से मौके पर देर से पहुंचने का कारण पूछा। इस पर SDO ने वाहन उपलब्ध नहीं होने की बात कही। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने यह आरोप भी लगाया कि बिजली चोरी पकड़ने के लिए होने वाली रेड से पहले कुछ लोगों को सूचना दे दी जाती है, जिससे वे पहले ही बिजली चोरी बंद कर देते हैं। हालांकि इन आरोपों पर विभाग की ओर से सहमति नहीं जताई गई।

पावर हाउस में लाइनमैन और फोरमैन नहीं होने का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि भैंसी माजरा पावर हाउस में न तो कोई स्थायी लाइनमैन तैनात है और न ही फोरमैन। पूरे क्षेत्र की जिम्मेदारी एक ऑपरेटर के भरोसे चल रही है। ऐसे में बिजली लाइन टूटने या फ्यूज उड़ने जैसी समस्याओं के दौरान विभाग का कोई कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचता और कई बार ग्रामीणों को ही व्यवस्था संभालनी पड़ती है।

ग्रामीण बोले- रोज लगाए जा रहे हैं बिजली कट

ग्रामीण प्रदीप कुमार ने बताया कि पिछले कई दिनों से बिना स्पष्ट कारण लगातार बिजली कट लगाए जा रहे हैं। उनके अनुसार रात 9 बजे के आसपास बिजली काट दी जाती है और कई बार थोड़ी देर सप्लाई देकर फिर लंबे समय तक बिजली बंद रखी जाती है। इससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

फोन नहीं उठाने का भी लगाया आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार JE को फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया। SDO से संपर्क होने के बाद भी वे करीब तीन घंटे बाद मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि SDO अपने साथ पुलिस बल लेकर पहुंचे थे।

आश्वासन के बाद शांत हुआ विवाद

काफी देर तक चली बातचीत के बाद SDO सुभाष कुमार ने पावर हाउस में लाइनमैन और फोरमैन की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और धरना समाप्त किया। SDO ने कहा कि स्थानीय स्तर पर बिजली कट लगाने का निर्णय नहीं लिया जाता, बल्कि पंचकूला कंट्रोल से निर्देश मिलने पर कट लगाए जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों में सच्चाई नहीं है और इस संबंध में विभाग को कोई औपचारिक शिकायत भी नहीं मिली है।