गुरुग्राम में बागी पार्षदों की भाजपा में घर वापसी, सियासत में नए समीकरण

गुरुग्राम नगर निगम चुनाव में बागी होकर जीतने वाले 7 पार्षदों ने भाजपा में वापसी की। इनमें 5 पार्षद राव इंद्रजीत के करीबी हैं। गुपचुप ज्वाइनिंग से सियासी समीकरण बदल गए हैं।

गुरुग्राम में बागी पार्षदों की भाजपा में घर वापसी, सियासत में नए समीकरण

➤ गुरुग्राम में बागी होकर जीते 7 पार्षदों ने फिर से भाजपा का दामन थामा
➤ इनमें से 5 पार्षद राव इंद्रजीत सिंह के करीबी, चंडीगढ़ में हुई वापसी
➤ जिलाध्यक्ष को खबर तक नहीं लगी, निगम में डिप्टी मेयर पद को लेकर रणनीति


गुरुग्राम नगर निगम की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। भाजपा से बगावत कर चुनाव जीतने वाले 7 पार्षदों ने एक बार फिर पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। इनमें से पांच पार्षद केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के नजदीकी माने जाते हैं। चंडीगढ़ के कबीर कुटीर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सैनी और प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बडौली ने इन पार्षदों को भाजपा का पटका पहनाकर पार्टी में औपचारिक वापसी करवाई।

गुरुग्राम में पूर्व डिप्टी मेयर परमिंद्र कटारिया समेत सात पार्षदों को BJP जॉइन करा राव इंद्रजीत ने विरोधियों को पटकनी दी है। - Dainik Bhaskar

वापसी करने वालों में वार्ड 35 से परमिंद्र कटारिया, प्रदीप परम, वार्ड 10 से महावीर यादव, दिनेश दहिया, अवनीश राघव, पार्षद प्रतिनिधि प्रशांत भारद्वाज और गगनदीप किरोड़ शामिल हैं। इन पार्षदों में से परमिंद्र कटारिया, महावीर यादव, दिनेश दहिया, अवनीश राघव और गगनदीप किरोड़ को भाजपा ने पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते छह साल के लिए निष्कासित कर रखा था। अब गुपचुप तरीके से इन्हें दोबारा शामिल कर लिया गया है।

चौंकाने वाली बात यह रही कि जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी को इस घटनाक्रम की जानकारी तक नहीं थी। रविवार शाम को हुई इस वापसी के बारे में उन्हें सोमवार सुबह पता चला। उन्होंने कहा कि इस पर उनसे कोई चर्चा तक नहीं की गई। इसे जिलाध्यक्ष की सियासी स्थिति के लिए एक झटका माना जा रहा है।

विशेष रूप से परमिंद्र कटारिया की वापसी चर्चा में रही। पूर्व डिप्टी मेयर कटारिया ने भाजपा से टिकट न मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था और रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की थी। कटारिया का कहना है कि वे 32 साल से भाजपा से जुड़े हैं और कभी पार्टी विरोधी गतिविधि नहीं की। उन्होंने दावा किया कि वे पहले भी पार्टी के साथ थे और आज भी उसी निष्ठा के साथ जुड़े हैं।

भाजपा खेमे में यह वापसी नगर निगम गुरुग्राम के सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों पर कब्जा जमाने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इन पदों के लिए लॉबिंग तेज हो चुकी है। वहीं राव इंद्रजीत खेमे की बढ़त को देखते हुए अब राव नरबीर सिंह का खेमा भी सक्रिय हो गया है और गुप्त बैठकें शुरू कर दी गई हैं। यह हालिया घटनाक्रम दोनों खेमों के बीच टकराव को और बढ़ा सकता है।