युद्ध का असर, हिमाचल में ईंट-सीमेंट महंगे ईंट 2 रुपये महंग

हिमाचल प्रदेश में ईंटों के दाम बढ़ गए हैं और अप्रैल से सीमेंट महंगा होने की संभावना है, जिससे मकान निर्माण की लागत बढ़ेगी।

युद्ध का असर, हिमाचल में ईंट-सीमेंट महंगे ईंट 2 रुपये महंग

युद्ध का असर हिमाचल के निर्माण कार्यों पर, ईंट-सीमेंट महंगे
ईंट 2 रुपये प्रति पीस महंगी, सीमेंट भी 40 रुपये तक बढ़ने की संभावना
मकान निर्माण का बजट 50-60 हजार तक बढ़ सकता है


पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब हिमाचल प्रदेश के निर्माण क्षेत्र में भी दिखाई देने लगा है। हिमाचल प्रदेश में ईंटों के दाम प्रति पीस करीब 2 रुपये तक बढ़ गए हैं, जिससे मकान, होटल और अन्य भवनों के निर्माण की लागत बढ़ने लगी है। प्रदेश में ईंटों की आपूर्ति मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होती है, इसलिए बाहरी बाजार में कीमत बढ़ते ही इसका सीधा असर यहां पड़ रहा है।

जानकारों के अनुसार ईंट भट्ठों में इस्तेमाल होने वाले कोयले की कीमतों में भारी उछाल इसका मुख्य कारण है। यह कोयला अमेरिका, इंडोनेशिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों से आयात किया जाता है। पहले इसकी कीमत 10 से 13 हजार रुपये प्रति टन थी, जो अब बढ़कर लगभग 30 हजार रुपये प्रति टन तक पहुंच गई है। कोयला महंगा होने से ईंट निर्माण लागत बढ़ी और ईंटों के दाम बढ़ गए।

कुल्लू के सोहल सप्लायर के एमडी शिव सोहल के अनुसार, प्रति ईंट 2 रुपये की बढ़ोतरी से एक ट्रैक्टर ईंटों की कीमत करीब 2,000 रुपये तक बढ़ गई है। इससे बड़े स्तर पर निर्माण कराने वालों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा। अनुमान है कि एक सामान्य मकान के निर्माण में कुल खर्च 30 से 40 हजार रुपये तक बढ़ सकता है।

उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि युद्ध के कारण कंपनियों ने कोयले के रेट बढ़ा दिए हैं। पहले कोयला ऑस्ट्रेलिया से आता था, लेकिन अब मुख्य रूप से अमेरिका से आयात हो रहा है, जिससे लागत बढ़ गई है।

इधर निर्माण क्षेत्र के लिए एक और चिंता की खबर है। अप्रैल 2026 से सीमेंट की कीमतों में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ देशभर में सीमेंट कंपनियां प्रति बैग करीब 40 रुपये तक दाम बढ़ा सकती हैं।

उदाहरण के तौर पर ACC Cement का सुरक्षा सीमेंट जो अभी करीब 390 रुपये प्रति बैग है, वह बढ़कर 430 रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं ACC Cement गोल्ड की कीमत 440 से बढ़कर लगभग 480 रुपये और Ambuja Cement 405 से बढ़कर करीब 445 रुपये प्रति बैग तक पहुंच सकता है।

अगर सीमेंट महंगा होता है तो इसका सीधा असर निर्माण बजट पर पड़ेगा। एक औसत मकान के निर्माण में करीब 500 बैग सीमेंट लगता है, ऐसे में बजट में सीधे 20 से 25 हजार रुपये तक अतिरिक्त खर्च बढ़ सकता है। ईंट और सीमेंट दोनों महंगे होने से कुल निर्माण लागत 50 से 60 हजार रुपये तक बढ़ने की संभावना है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और परिवहन लागत बढ़ने के कारण निर्माण सामग्री महंगी हो रही है। ऐसे में आने वाले समय में मकान निर्माण, होटल प्रोजेक्ट और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों की लागत बढ़ना तय माना जा रहा है।