तमिलनाडु में TVK का विजय तिलक, असम के बागान में खिला कमल, बंगाल में हिली ममता की सत्ता
विधानसभा चुनाव 2026 के रुझानों में तमिलनाडु में स्टालिन पीछे, बंगाल में बीजेपी 192 सीटों पर आगे और असम में बहुमत के संकेत मिले हैं।
➤ तमिलनाडु में CM स्टालिन पीछे, TVK प्रत्याशी आगे
➤ बंगाल में बीजेपी 190+ सीटों पर बढ़त, ऐतिहासिक जीत के संकेत
➤ असम में BJP बहुमत की ओर, केरल में UDF बढ़त पर
देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना जारी है और शुरुआती रुझानों ने देश की राजनीति में बड़ा उलटफेर संकेत दिया है। सबसे बड़ी खबर तमिलनाडु से सामने आ रही है, जहां मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी सीट पर पीछे चल रहे हैं। कोलाथुर विधानसभा सीट से TVK (तमिलगा वेत्री कषगम) के प्रत्याशी ने बढ़त बना ली है और अभी भी 6 राउंड की गिनती बाकी है, जिससे अंतिम परिणाम को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
वहीं पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 192 सीटों पर बढ़त हासिल कर ली है। यह रुझान राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं। पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं ने झालमुरी और रसगुल्ले बांटकर जश्न मनाना शुरू कर दिया है।
असम में भी बीजेपी मजबूती से आगे बढ़ रही है और बहुमत के साथ सरकार बनाने की ओर अग्रसर है। खास बात यह रही कि जोरहाट सीट से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई को हार का सामना करना पड़ा, जहां उन्हें बीजेपी उम्मीदवार हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने 23 हजार से अधिक वोटों से हराया।
केरल में यूडीएफ गठबंधन बढ़त बनाए हुए है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बयान देते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में प्रदेश में खराब राजनीति हुई है और अब जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी राज्य के विकास के लिए ईमानदारी से काम करेगी।
तमिलनाडु में TVK प्रमुख विजय की पार्टी के प्रदर्शन ने सभी को चौंका दिया है। पार्टी की बढ़त पर उनकी बहन ने कहा कि जनता को उनसे बड़े बदलाव की उम्मीद है और यह जीत राज्य की राजनीति में नई दिशा दे सकती है।
वहीं, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बंगाल के रुझानों को “भारत की जीत” बताया और कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वर्षों का सपना पूरा हुआ है। उन्होंने इसे केवल राज्य नहीं बल्कि पूरे देश की जीत करार दिया।
कुल मिलाकर, चुनावी नतीजों के ये रुझान देश की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं। अब सभी की नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, जो आने वाले समय की सियासी तस्वीर तय करेंगे।
Akhil Mahajan