₹6 हजार की नौकरी, लॉकरों में मिले ₹2 करोड़ कैश: 5 इमारतें और 13 प्लॉट देख अफसर भी रह गए हैरान
ओडिशा में विजिलेंस की छापेमारी के दौरान एक इंजीनियर के बैंक लॉकरों से करीब ₹2 करोड़ नकद, 5 बहुमंजिला इमारतें और 13 प्लॉट का खुलासा हुआ है।
➤ बैंक लॉकरों से करीब ₹2 करोड़ नकद बरामद
➤ 5 बहुमंजिला इमारतें और 13 प्लॉट का खुलासा
➤ ₹6 हजार मासिक वेतन से शुरू हुई थी सरकारी नौकरी
एक सरकारी इंजीनियर के यहां हुई छापेमारी में ऐसी संपत्तियां सामने आईं कि जांच एजेंसियां भी हैरान रह गईं। बैंक लॉकरों से करोड़ों रुपए नकद, कई आलीशान इमारतें, दर्जनों प्लॉट और भारी निवेश का खुलासा हुआ है। मामले को हाल के वर्षों की सबसे बड़ी आय से अधिक संपत्ति की कार्रवाई में से एक माना जा रहा है।
जांच एजेंसी को शिकायत मिली थी कि संबंधित अधिकारी ने अपनी आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित कर रखी है। शिकायत के आधार पर विशेष अदालत से सर्च वारंट लेने के बाद अधिकारियों ने एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। कार्रवाई के दौरान बैंक लॉकर, सरकारी कार्यालय, सरकारी आवास, रिश्तेदारों के घर और निजी संपत्तियों की तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान अधिकारियों को पांच बहुमंजिला इमारतों की जानकारी मिली। इनमें एक चार मंजिला आलीशान भवन, एक तीन मंजिला इमारत और कई दो मंजिला मकान शामिल हैं। इसके अलावा अधिकारी और उसके परिवार के नाम पर 13 प्लॉट भी मिले हैं। जांच में अन्य संपत्तियों की भी जानकारी सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा बैंक लॉकरों से हुआ। अधिकारियों को पहले अलग-अलग ठिकानों से सीमित नकदी मिली, लेकिन बाद में पता चला कि अधिकारी की पत्नी के नाम पर दो बैंक लॉकर हैं। जब लॉकर खोले गए तो उनमें करीब ₹2 करोड़ नकद रखे मिले। अधिकांश नोट ₹500 के थे। नकदी की गिनती बैंक की मशीनों के जरिए कराई गई।
जांच टीम ने सोने के गहनों, बैंक खातों और अन्य निवेशों की भी जांच शुरू कर दी है। बरामद संपत्तियों का बाजार मूल्य करोड़ों रुपए में आंका जा रहा है। हालांकि अंतिम मूल्यांकन जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
दिलचस्प बात यह है कि संबंधित अधिकारी ने वर्ष 1999 में जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। उस समय उनका शुरुआती वेतन मात्र ₹6 हजार प्रतिमाह था। बाद में उन्हें प्रमोशन मिलता गया और वर्तमान में उनका मासिक वेतन करीब ₹80 हजार बताया जा रहा है।
जांच में सामने आया कि अधिकारी ने सरकारी सेवा के दौरान धीरे-धीरे बड़ी मात्रा में अचल संपत्ति और नकदी जुटाई। अब एजेंसियां उनकी आय और संपत्ति के स्रोतों का मिलान कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद आय से अधिक संपत्ति के मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह पूरा मामला ओडिशा के कंधमाल जिले में तैनात असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बैकुंठ नाथ बेहरा से जुड़ा है। विजिलेंस विभाग ने उनके भुवनेश्वर, जाजपुर, बारिपदा और कंधमाल स्थित कुल 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी।
Akhil Mahajan