हरियाणा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने CM काफिले को दिखाए काले झंडे, जानें क्या है पूरा मामला
गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के काफिले को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए। कांग्रेस ने गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के रिजल्ट, सुविधाओं और बस-ट्रांसपोर्ट को लेकर सवाल उठाए।
➤ CM काफिले के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निकाले काले झंडे
➤ गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के रिजल्ट और सुविधाओं को लेकर उठाए सवाल
➤ ग्रीवेंस कमेटी में 17 शिकायतें सुनने के बाद युवा उद्यमियों से संवाद करने पहुंचे थे CM
गुरुग्राम। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को गुरुग्राम में थे और उनका कार्यक्रम पहले से तय था। सुबह जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में लोगों की समस्याएं सुनने के बाद मुख्यमंत्री गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में युवा उद्यमियों से संवाद करने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में अचानक माहौल बदल गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के काफिले को काले झंडे दिखाकर नारेबाजी शुरू कर दी। करीब 15 से अधिक कार्यकर्ता कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन राव की अगुवाई में वहां पहुंचे थे।
बताया गया कि कार्यकर्ताओं ने अपनी जेब में रखा काला कपड़ा अचानक बाहर निकाला और मुख्यमंत्री के काफिले की ओर काले झंडे दिखाने लगे। काफिले के साथ चल रही पुलिस की गाड़ियों में मौजूद जवानों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। कुछ देर के इस घटनाक्रम ने मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान राजनीतिक माहौल गरमा दिया।
कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को केवल राजनीतिक विरोध नहीं बताया, बल्कि गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के छात्रों की समस्याओं और शहर में चल रही कार्रवाई से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए।
यूनिवर्सिटी जाते समय ही दिखाए काले झंडे
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के बाद गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम के लिए जा रहे थे। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका रास्ता रोकने की कोशिश की और काले झंडे दिखाए।
कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन राव ने कहा कि मुख्यमंत्री को गुरुग्राम यूनिवर्सिटी पहुंचकर युवाओं से संवाद करने से पहले वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों की समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि यूनिवर्सिटी के फर्स्ट ईयर के विद्यार्थियों का अभी तक रिजल्ट नहीं आया है। इसके साथ ही उन्होंने यूनिवर्सिटी में इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए।
बस और ट्रांसपोर्ट की सुविधा को लेकर भी सवाल
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गुरुग्राम यूनिवर्सिटी तक पहुंचने वाले स्थानीय और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए बस और ट्रांसपोर्टेशन की पर्याप्त सुविधा नहीं है। उनका कहना है कि ग्रामीण इलाकों से आने वाले विद्यार्थियों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
वर्धन राव ने मुख्यमंत्री से यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम के दौरान इन मुद्दों पर भी चर्चा करने की मांग की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि युवाओं से संवाद तभी सार्थक होगा, जब उनकी वास्तविक समस्याओं को भी सुना जाए।
‘छोटा सा धमाका’ बताकर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष वर्धन राव ने सरकार पर कई राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गुरुग्राम आते हैं तो उन्हें शहर की दूसरी समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने अवैध अतिक्रमण हटाने और तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता ने इसे लेकर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की।
वर्धन राव ने प्रदर्शन को लेकर कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाकर छात्रों की आवाज उन तक पहुंचाने की कोशिश की है।
CM के रूट तक प्रदर्शनकारी कैसे पहुंचे, इस पर भी सवाल
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रदर्शनकारियों के काफिले के नजदीक पहुंचने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संभावित विरोध को लेकर पुलिस अधिकारियों की ओर से कांग्रेस नेताओं से बातचीत भी हुई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री के रूट के करीब पहुंच गए और काफिले के सामने काले झंडे दिखाने में सफल रहे।
हालांकि, सुरक्षा और इंटेलिजेंस में चूक के संबंध में प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए इस पहलू को लेकर अंतिम स्थिति जांच या आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
ग्रीवेंस कमेटी में सुनी गईं 17 शिकायतें
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गुरुग्राम दौरे पर शुक्रवार सुबह सिविल लाइंस स्थित स्वतंत्रता सेनानी जिला परिषद हॉल पहुंचे। यहां उन्होंने जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में जिले से संबंधित कुल 17 परिवाद रखे गए। मुख्यमंत्री ने इन शिकायतों को सुना और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री गुरुग्राम में देर रात ही पहुंच गए थे। इस दौरान उन्होंने बाढ़ड़ा विधायक उमेद सिंह पातुवास की बेटी के सगाई समारोह में भी शिरकत की और नवविवाहित होने वाले जोड़े को आशीर्वाद दिया।
इसके बाद युवाओं के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री
ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के बाद मुख्यमंत्री का अगला कार्यक्रम गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में था। यहां वह Gen-H उद्यमियों और युवाओं के साथ सीधा संवाद करने पहुंचे।
कार्यक्रम में सफल युवा उद्यमियों और विशेषज्ञों की ओर से स्टार्टअप शुरू करने के इच्छुक युवाओं को उद्यमिता, स्टार्टअप की स्थापना, वित्तीय सहायता, ऋण और तकनीकी सहयोग से जुड़ी जानकारी दी जा रही है।
सरकार का उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने के साथ-साथ स्टार्टअप और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
दो बसों को हरी झंडी दिखाएंगे CM
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ‘युवा उद्यमी यात्रा’ का भी शुभारंभ करेंगे। इसके तहत दो बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी।
ये बसें दिसंबर तक प्रदेश के अलग-अलग कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, आईटीआई और कोचिंग संस्थानों तक जाएंगी। इस दौरान युवाओं को स्टार्टअप और उद्यमिता के प्रति जागरूक किया जाएगा।
यात्रा के दौरान युवाओं को अपने स्टार्टअप आइडिया को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाएगा और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया जाएगा।
एक ही दौरे में प्रशासनिक बैठक से लेकर राजनीतिक विरोध तक
मुख्यमंत्री का गुरुग्राम दौरा इसलिए भी चर्चा में रहा कि एक तरफ सुबह ग्रीवेंस कमेटी में 17 शिकायतों पर सुनवाई हुई और दूसरी तरफ यूनिवर्सिटी में युवाओं के साथ संवाद का कार्यक्रम था। लेकिन यूनिवर्सिटी पहुंचने से पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं के काले झंडों और नारेबाजी ने दौरे को राजनीतिक रंग दे दिया।
कांग्रेस ने जहां छात्रों के रिजल्ट, यूनिवर्सिटी की सुविधाओं, परिवहन और शहर में चल रही कार्रवाई को मुद्दा बनाया, वहीं मुख्यमंत्री का कार्यक्रम युवाओं को स्टार्टअप और उद्यमिता से जोड़ने पर केंद्रित रहा। अब देखना होगा कि कांग्रेस की ओर से उठाए गए यूनिवर्सिटी से जुड़े सवालों पर सरकार या विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से क्या जवाब सामने आता है।
Akhil Mahajan