हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र आज, महिला मुद्दे पर टकराव के आसार

हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण मुद्दे पर हंगामे के आसार हैं। सरकार क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 पेश करेगी, जिसमें ग्रुप-D कर्मियों को प्रमोशन का लाभ मिलेगा।

हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र आज, महिला मुद्दे पर टकराव के आसार

हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र आज, महिलाओं के मुद्दे पर हंगामे के आसार
सरकार लाएगी निंदा प्रस्ताव, कांग्रेस-बीजेपी में टकराव तय माना जा रहा
ग्रुप-D कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 पेश होगा


हरियाणा विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आज चंडीगढ़ में आयोजित हो रहा है। सुबह 11 बजे शुरू होने वाले इस सत्र में शुरुआत शोक प्रस्ताव से होगी, लेकिन इसके तुरंत बाद सदन में राजनीतिक माहौल गरमाने के पूरे आसार हैं।

सरकार की ओर से नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर कांग्रेस की भूमिका के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी बहस और टकराव की संभावना जताई जा रही है।

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सुबह साढ़े 9 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जाएगी। कांग्रेस इस सत्र में महिला आरक्षण, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा कर सकती है।

इस सत्र की खास बात यह भी है कि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के कारण सस्पेंड किए गए कांग्रेस के पांच विधायक भी इसमें शामिल होंगे। इनमें शैली चौधरी, रेनू बाला, मोहम्मद इलियास, मोहम्मद इसराइल और जरनैल सिंह शामिल हैं। इन विधायकों को सदन में पार्टी व्हिप का पालन करना होगा। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो पार्टी उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकती है।

सत्र के दौरान सरकार की ओर से हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 पेश किया जाएगा। इस बिल के जरिए ग्रुप-D कर्मचारियों को प्रमोशन का बड़ा अवसर मिलने जा रहा है।

कैबिनेट की मंजूरी के अनुसार, वे कर्मचारी जिन्होंने 5 साल से अधिक सेवा पूरी कर ली है, उन्हें अब क्लर्क पद पर प्रमोशन के लिए पात्र माना जाएगा। इस बिल में प्रमोशन का कोटा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 5 प्रतिशत एक्स-ग्रेशिया पद रखने का नियम भी शामिल किया गया है।

राजनीतिक दृष्टि से यह सत्र इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले छह वर्षों में यह चौथा विशेष सत्र है। इससे पहले 13 मार्च 2024 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के इस्तीफे के बाद नए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विश्वास मत हासिल करने के लिए विशेष सत्र बुलाया था।

इसके अलावा 5 अप्रैल 2022 को चंडीगढ़ मुद्दे पर संकल्प प्रस्ताव पारित करने और 20 जनवरी 2020 को संविधान संशोधन (126वां) बिल पारित करने के लिए भी विशेष सत्र आयोजित किए जा चुके हैं।

ऐसे में आज का यह सत्र न केवल राजनीतिक टकराव के लिए अहम है, बल्कि कर्मचारियों से जुड़े बड़े फैसलों के कारण भी खास माना जा रहा है।