हरियाणा में चैनत आंदोलन पर सख्ती, 30 से ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट बैन

हिसार के चैनत गांव में पानी आंदोलन के बीच प्रशासन ने 30 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट बैन किए। वहीं पूर्व सरपंच सोमेश को खाप पंचायतों और 172 गांवों का समर्थन मिला।

हरियाणा में चैनत आंदोलन पर सख्ती, 30 से ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट बैन
  • चैनत गांव के आंदोलन से जुड़े 30 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट प्रशासन ने बैन किए

    पुलिस ने भड़काऊ सामग्री रोकने के लिए कार्रवाई बताई, आंदोलनकारियों ने आवाज दबाने का आरोप लगाया

    पूर्व सरपंच सोमेश को 172 गांवों और खाप पंचायतों का खुला समर्थन मिला

    हरियाणा के हिसार जिले के हांसी क्षेत्र के चैनत गांव में पीने के पानी की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। टी-कनेक्शन विवाद के चलते आंदोलन से जुड़े 30 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को पूरी तरह बैन कर दिया गया है। गांव में पिछले 46 दिनों से आंदोलन और महापंचायत जारी थी।

    प्रशासन की कार्रवाई के तहत 10 फेसबुक अकाउंट और 20 से अधिक सोशल मीडिया चैनल बंद किए गए हैं। जिन लोगों के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट बंद किए गए हैं, उनमें अनूप चैनत, सुरेश कौथ, हर्ष छिक्कारा, हिमांशु, सुखराम, दीपक दूहन और योगेश दूहन समेत कई किसान नेता और धरना कमेटी के सदस्य शामिल हैं।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आंदोलन से जुड़ी भड़काऊ सूचनाओं और अनर्गल वीडियो के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। वहीं धरना कमेटी के सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही उनकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।

  • इधर, आंदोलन के दौरान पांच बुजुर्गों का अनशन तुड़वाने वाले पूर्व सरपंच सोमेश के समर्थन में चरखी दादरी क्षेत्र की खाप पंचायतें और ग्रामीण खुलकर सामने आ गए हैं। प्रेस वार्ता में खाप प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि सोमेश सरपंच के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई तो पूरे प्रदेश में व्यापक जनाक्रोश देखने को मिलेगा।

    समर्थन देने वालों का दावा है कि जब अनशन पर बैठे पांच बुजुर्गों की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, तब सोमेश सरपंच ने हर्ष छिक्कारा और विकास सिसर के साथ मिलकर एक घंटे के भीतर टी-कनेक्शन लगवाकर उनकी जान बचाने का प्रयास किया था। बाद में सरकार ने उस टी-कनेक्शन को अवैध बताते हुए हटवा दिया। इसके बाद मंत्री रणवीर गंगवा और विधायक विनोद भयाना ने सोमेश सरपंच के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही थी।

    बताया गया कि चरखी दादरी के 172 गांवों और गौधड़िया खाप के 40 गांवों ने सोमेश सरपंच के समर्थन में एकजुटता दिखाई है। खाप प्रतिनिधियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सरकार से किसी भी तरह की कार्रवाई से बचने की अपील की है।

    विवाद बढ़ने पर मुख्यमंत्री ने धरना कमेटी को बातचीत के लिए चंडीगढ़ बुलाया था, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद सोमेश सरपंच ने 25 जून तक मांगें पूरी नहीं होने पर खुद अनशन पर बैठने की घोषणा की थी। हालांकि बाद में धरना कमेटी के साथ मतभेद होने के कारण उन्हें धरना स्थल पर आने से रोक दिया गया।