खेत में मिले दंपती के श*व,6 पेज के नोट में मौ*त की वजह का जिक्र
हिसार के अग्रोहा में दंपती के शव पड़ोसी के खेत में मिले। कमरे से छह पेज का नोट मिला, जिसमें बीमारी और असहनीय दर्द का जिक्र है।
हिसार में खेत में मिले दंपती के शव, एक-दूसरे का हाथ थामे थे दोनों
➤ कमरे से छह पेज का सुसाइड नोट मिला, बीमारी और असहनीय दर्द का किया जिक्र
➤ पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजे, नोट की लिखावट और पूरे मामले की जांच शुरू
हिसार के अग्रोहा क्षेत्र में एक दंपती के शव पड़ोसी के खेत में मिलने से सनसनी फैल गई। दोनों के शव खेत में अगल-बगल पड़े थे और उनके हाथ एक-दूसरे के हाथ में थे। सुबह खेत पर पहुंचे किसान ने शव देखे तो शोर मचाया। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
सूचना मिलने पर अग्रोहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर जांच शुरू की। मृतकों की पहचान असरावा गांव निवासी आत्माराम पुत्र संतलाल और उनकी पत्नी बसकोरी देवी के रूप में हुई है।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके पर फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने जरूरी साक्ष्य जुटाए।
रात से लापता थे दंपती।
मृतक दंपती के बेटे प्रदीप कुमार ने पुलिस को बताया कि उसके माता-पिता 12 अगस्त की शाम तक दुकान पर थे। प्रदीप बिजली का काम करने के साथ गांव में टेंट हाउस की दुकान चलाता है।
उसके मुताबिक, 12 अगस्त की शाम करीब पांच बजे तक उसके पिता आत्माराम दुकान पर मौजूद थे। इसके बाद वह ढाणी में अपनी पत्नी बसकोरी देवी के पास चले गए। प्रदीप दुकान पर ही सो गया।
13 अगस्त की सुबह करीब साढ़े छह बजे उसके चाचा मुकेश दुकान पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि आत्माराम और बसकोरी देवी ढाणी में नहीं हैं। इसके बाद परिवार ने दोनों की तलाश शुरू की।
कमरे में मिला छह पेज का नोट।
तलाश के दौरान दंपती के कमरे से छह पेज का एक नोट मिला। नोट पर दोनों के हस्ताक्षर बताए गए हैं। परिवार ने नोट पुलिस को सौंप दिया, जिसके बाद पुलिस ने इसे अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस के अनुसार, नोट में दंपती ने अपनी बीमारी और लंबे समय से चल रहे असहनीय दर्द को मौत की वजह बताया है। नोट में किसी अन्य व्यक्ति को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराने की बात भी सामने आई है।
हालांकि पुलिस ने नोट की लिखावट की जांच शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि नोट वास्तव में दोनों ने ही लिखा था या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है।
तलाश के दौरान खेत में मिले शव।
नोट मिलने के बाद परिवार ने आसपास के खेतों में दोनों की तलाश की। इसी दौरान पड़ोसी उमेद सिंह के खेत में दंपती के शव मिले।
दोनों शव एक-दूसरे के पास पड़े थे। उनके हाथ एक-दूसरे के हाथ में थे। यह दृश्य देखकर परिवार और ग्रामीणों में मातम छा गया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र को घेर लिया और जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
पत्नी की रीढ़ की हड्डी का हुआ था ऑपरेशन।
प्रदीप ने पुलिस को बताया कि उसकी मां बसकोरी देवी का करीब एक वर्ष पहले हिसार के सर्वेश अस्पताल में रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद वह मानसिक रूप से परेशान रहती थीं।
प्रदीप के मुताबिक, उसके पिता आत्माराम को भी पिछले कई दिनों से रीढ़ की हड्डी में काफी दर्द था। परिवार का कहना है कि पत्नी की बीमारी और खुद के दर्द के कारण दोनों लंबे समय से परेशान थे।
कमरे से मिले नोट में भी इसी तरह के असहनीय दर्द और बीमारी का जिक्र होने की बात सामने आई है।
परिवार ने कार्रवाई से इनकार किया।
अग्रोहा थाना पुलिस के अनुसार, मृतक के बेटे और परिवार ने दंपती द्वारा बीमारी से परेशान होकर यह कदम उठाए जाने की बात कही है। परिवार की ओर से किसी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग नहीं की गई है।
पुलिस ने घटना की सूचना रोजनामचा में दर्ज कर ली है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
पुलिस अब सुसाइड नोट की लिखावट की जांच के साथ दंपती के मेडिकल रिकॉर्ड, पारिवारिक पृष्ठभूमि और अन्य परिस्थितियों की भी पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
pooja