क्रॉस वोटिंग पर कांग्रेस सख्त, विधायकों को नहीं मिला सुनवाई का मौका हरियाणा कांग्रेस में मचा घमासान, DPC की रिपोर्ट सीधे हाईकमान को

हरियाणा कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों को पर्सनल हियरिंग का मौका नहीं दिया गया है। DPC रिपोर्ट सीधे हाईकमान को भेजेगी।

क्रॉस वोटिंग पर कांग्रेस सख्त, विधायकों को नहीं मिला सुनवाई का मौका हरियाणा कांग्रेस में मचा घमासान, DPC की रिपोर्ट सीधे हाईकमान को

क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों को नहीं मिला पर्सनल हियरिंग का मौका
DPC सीधे हाईकमान को भेजेगी रिपोर्ट, सख्त कार्रवाई के संकेत
राज्यसभा चुनाव के बाद हरियाणा कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी हलचल


हरियाणा कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ क्रॉस वोटिंग करने वाले 5 विधायकों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी चल रही है। कांग्रेस की अनुशासनात्मक कार्रवाई कमेटी (DPC) ने इन विधायकों को पर्सनल हियरिंग का मौका नहीं देने का फैसला किया है, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी इस मामले में कोई नरमी बरतने के मूड में नहीं है। अब 3 अप्रैल को होने वाली बैठक में विधायकों के जवाबों पर विचार कर सीधे रिपोर्ट हाईकमान को भेजी जाएगी।यह पूरा विवाद राज्यसभा चुनाव के दौरान सामने आया, जब कांग्रेस के पास अपने उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल होने का दावा था। बावजूद इसके, वोटिंग के दिन पार्टी के 5 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी, जबकि 4 विधायकों के वोट अवैध घोषित हो गए। इस घटनाक्रम ने पार्टी के अंदर 'भीतरघात' की बहस छेड़ दी और नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दीं।

अनुशासन समिति की रडार पर जिन विधायकों के नाम हैं, उनमें मोहम्मद इलियास, मोहम्मद इसराइल, शैली चौधरी, रेनू बाला और जरनैल सिंह शामिल हैं। इनमें से कुछ विधायक अपने रुख पर कायम बताए जा रहे हैं, जबकि अन्य अपनी वफादारी साबित करने की कोशिश में जुटे हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला अब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष उदयभान के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन चुका है। हुड्डा पहले ही साफ कर चुके हैं कि पार्टी लाइन से हटकर काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।इस बीच सियासी गलियारों में ‘ऑपरेशन लोटस’ की चर्चा भी तेज है। कुछ बागी विधायकों की सत्तापक्ष के नेताओं से मुलाकात ने इन अटकलों को और हवा दी है। हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने जानबूझकर 4 वोट अवैध घोषित किए। इस संबंध में भारत निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई है। अगर सुनवाई नहीं होती, तो मामला अदालत तक जाने की बात भी कही गई है।पार्टी सूत्रों के अनुसार, यदि 3 अप्रैल की बैठक में विधायकों के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, तो उन्हें पार्टी से निष्कासित भी किया जा सकता है। हालांकि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी बेहद सावधानी से कदम उठा रही है, ताकि कोई बड़ा राजनीतिक नुकसान न हो।