कैंटर से टकराई कार, मां-बेटा, बेटी समेत 4 की मौत, परिवार उजड़ा

नूंह में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर खड़े कैंटर से कार टकराने से मां, बेटा, बेटी समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं।

कैंटर से टकराई कार, मां-बेटा, बेटी समेत 4 की मौत, परिवार उजड़ा
  • दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसे में 4 की मौत
  • मां, बेटा, बेटी और रिश्तेदार ने मौके पर तोड़ा दम
  • कार कैंटर में घुसी, शीशे और दरवाजे काटकर निकाले गए शव

हरियाणा के नूंह जिले में शनिवार सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार का अगला हिस्सा सड़क किनारे खड़े केले से भरे आयशर कैंटर के नीचे जा घुसा। दुर्घटना में मां, बेटा, बेटी और एक रिश्तेदार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के मुखिया और एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए।

नूंह में एक्सीडेंट में क्षतिग्रस्त हुई कार।

जानकारी के अनुसार, जयपुर से दिल्ली जा रही अल्काजार कार शनिवार सुबह करीब 6:35 बजे थाना सदर फिरोजपुर झिरका क्षेत्र के बघौला गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बताया जा रहा है कि सड़क किनारे खड़े केले से भरे आयशर कैंटर से कार पीछे से जा टकराई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह कैंटर के नीचे फंस गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और राहगीरों ने तुरंत पुलिस व एम्बुलेंस को सूचना दी।

नूंह में एक्सीडेंट में क्षतिग्रस्त हुई कार।

सूचना मिलते ही पुलिस, एनएचएआई की रेस्क्यू टीम और एम्बुलेंस कर्मी मौके पर पहुंचे। कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए दरवाजे और शीशे काटने पड़े। काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक चार लोगों की मौत हो चुकी थी।

मृतकों की पहचान पूनम (37), खुशी (16), डूग्गी (12) निवासी आमेर, जयपुर तथा केशव (26) निवासी कोटपूतली के रूप में हुई है। पूनम, खुशी और डूग्गी आपस में मां, बेटी और बेटा थे। वहीं केशव परिवार का रिश्तेदार बताया जा रहा है।

पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अल-आफिया अस्पताल, मांडीखेड़ा भेज दिया। शाम तीन बजे परिजन नूंह पहुंचे थे।

हादसे में जवाहर (55) और करीब साढ़े तीन वर्षीय चेतन गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

परिजनों ने बताया कि परिवार पहले से ही दुख के दौर से गुजर रहा था। करीब 15 दिन पहले ही पूनम के पिता का कैंसर के कारण निधन हुआ था। ऐसे में इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए अल-आफिया अस्पताल, मांडीखेड़ा भेज दिया। साथ ही दुर्घटनाग्रस्त कैंटर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कैंटर एक्सप्रेस-वे पर किन परिस्थितियों में खड़ा था और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक्सप्रेस-वे पर खड़े वाहनों के कारण पहले भी हादसे हो चुके हैं। लोगों ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है।