असली वोट कटें नहीं, नकली वोट बनें नहीं: भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री
हरियाणा कांग्रेस ने SIR अभियान को लेकर 5 घंटे का BLA-1 ट्रेनिंग सेशन आयोजित किया। हुड्डा ने कार्यकर्ताओं को ‘असली वोट कटे नहीं’ का मूलमंत्र दिया।
➤ SIR को लेकर कांग्रेस ने बूथ स्तर पर बढ़ाई सक्रियता
➤ हुड्डा ने कार्यकर्ताओं को दिया वोट सुरक्षा का मंत्र
➤ 5 घंटे तक चला BLA-1 ट्रेनिंग सेशन
हरियाणा में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) को लेकर कांग्रेस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। इसी कड़ी में चंडीगढ़ स्थित हरियाणा कांग्रेस मुख्यालय में करीब पांच घंटे तक BLA-1 ट्रेनिंग सेशन आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कई अहम जिम्मेदारियां समझाईं।
ट्रेनिंग सेशन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “असली वोट कटें नहीं, नकली वोट बनें नहीं” यही हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली लड़ाई जमीनी स्तर पर लड़ी जाती है और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहम होती है।
हुड्डा ने कहा कि लोकतंत्र के लिए खतरनाक साजिशों को रोकने के लिए BLA-1 कार्यकर्ताओं को पूरी सतर्कता और हिम्मत के साथ मैदान में उतरना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि हर मतदाता तक पहुंचें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदान अधिकार से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि चुनाव का असली आधार बूथ स्तर पर ही तय होता है। इसलिए कार्यकर्ताओं को सजग रहते हुए मतदाता सूची में किसी भी गड़बड़ी, लापरवाही या अनियमितता पर नजर रखनी होगी।
बैठक के बाद हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेशभर में चल रहे SIR अभियान की समीक्षा की गई है। जिला स्तर से लेकर बूथ स्तर तक संगठनात्मक जिम्मेदारियां तय की गई हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक कार्यकर्ता मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी गंभीरता से काम करेगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मतदाता सूची में पारदर्शिता बनाए रखने को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर सतर्कता बरती जाएगी।
ट्रेनिंग सेशन में कांग्रेस पार्टी के नेशनल कनेक्ट सेंटर के वाइस चेयरमैन कैप्टन अरविंद और उनकी टीम ने बूथ स्तर पर मतदाता सूची के रखरखाव, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, त्रुटियों के सुधार और मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया समझाई।
कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से मतदाता सूची अपडेट करने की ट्रेनिंग दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि घर-घर जाकर वास्तविक मतदाता स्थिति का सत्यापन कैसे किया जाए।
प्रशिक्षण शिविर में निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन, दस्तावेजी प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला होती है और इसकी शुद्धता बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। नेताओं ने उनके लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं को मजबूत करने में दिए गए योगदान को याद किया।
Akhil Mahajan