हरियाणा के अस्पतालों में आज 2 घंटे OPD बंद: डॉक्टरों की हड़ताल से अलर्ट; एक्स्ट्रा स्टाफ लगाने के निर्देश; CMO-PMO रहेंगे मौजूद
हरियाणा में सरकारी डॉक्टरों ने 2 घंटे की पेन-डाउन हड़ताल की। 9 से 11 बजे तक OPD बंद रही। सरकार अलर्ट, अस्पतालों में अतिरिक्त स्टाफ तैनात। SMO भर्ती रोकने और ACP संशोधन लागू करने की मांग।
- हरियाणा में सरकारी डॉक्टरों की 2 घंटे पेन-डाउन हड़ताल
- सरकार अलर्ट, जिला अस्पतालों में अतिरिक्त स्टाफ तैनात
- SMO की सीधी भर्ती रोकने और संशोधित ACP लागू करने की मांग
हरियाणा में आज सरकारी डॉक्टरों ने अपनी मांगों के समर्थन में 2 घंटे पेन-डाउन हड़ताल की घोषणा की है। डॉक्टर आज सुबह 9 बजे से 11 बजे तक ओपीडी सेवाएं बंद रखेंगे। इसको लेकर सरकार सतर्क हो गई है और जिला अस्पतालों में अतिरिक्त स्टाफ तैनात करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMSA) ने हड़ताल का ऐलान किया था। इससे पहले मंगलवार को ओपीडी बंद करने की तैयारी थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुरुक्षेत्र दौरे को देखते हुए हड़ताल स्थगित की गई थी।
स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) सुधीर राजपाल ने सभी सिविल सर्जन और पीएमओ को निर्देश दिए कि इमरजेंसी सेवाएं पूर्ण रूप से संचालित रहें और किसी मरीज को परेशानी न होने पाए। इसके लिए राज्यभर में व्यापक गाइडलाइन जारी की गई हैं।
मरीजों की सुविधा के लिए 58 वर्ष सेवा पूरी कर चुके कंसल्टेंट्स, कॉन्ट्रैक्ट मेडिकल ऑफिसर, डिप्टी सिविल सर्जन, एसएमओ, और RBSK के 400 डॉक्टरों को भी ओपीडी ड्यूटी में लगाया गया है। सभी सीएमओ और पीएमओ जिला अस्पतालों में अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे।
एसोसिएशन ने वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (SMO) की सीधी भर्ती रोकने, तथा संशोधित ACP संरचना लागू करने की मांग रखी है। दावा किया गया है कि इससे वेतन 8700 से बढ़कर 9500 ग्रेड पे हो जाएगा, जिससे डॉक्टर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के बराबर हो सकेंगे।
HCMSA प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजेश ख्यालिया ने कहा कि आपातकालीन सेवाएं, प्रसव कक्ष और ऑपरेशन थिएटर को हड़ताल से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की SMO की सीधी भर्ती की नीति का विरोध किया जाएगा, जबकि 2012 से अब तक ऐसी भर्ती नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि 3 जून 2021 को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने एसएमओ की सीधी भर्ती रोकने के आदेश दिए थे और मौजूदा डॉक्टरों को पदोन्नति के अवसर देने की बात कही थी।
एचसीएमएसए के कोषाध्यक्ष डॉ. दीपक गोयल ने कहा कि वर्तमान स्थिति में एक सिविल सर्जन का वेतन मेडिकल कॉलेज डॉक्टर से भी कम है और वित्त विभाग द्वारा अधिसूचना जारी न करने से असंतोष बढ़ा है। उन्होंने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात का समय मांग चुके हैं।
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