हरियाणा में हड़ताली डॉक्टरों की सैलरी रुकेगी, ESMA लागू
हरियाणा में डॉक्टरों की हड़ताल पर सरकार का बड़ा एक्शन। ESMA लागू, नो वर्क नो पे के तहत सैलरी रोकी जाएगी। मंत्री आरती राव बोलीं– स्ट्राइक बेअसर रही।
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हरियाणा में डॉक्टरों की हड़ताल पर सरकार सख्त, ESMA लागू
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हड़ताली डॉक्टरों की सैलरी रोकने का आदेश, लागू हुआ नो वर्क नो पे
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मंत्री आरती राव का दावा – स्ट्राइक का आम जनता पर असर नहीं
हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की हड़ताल पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) की सीधी भर्ती समेत अन्य मांगों को लेकर दो दिन से प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों पर अब ESMA लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि हड़ताल पर गए कर्मचारियों की सैलरी रोक दी जाए। यह कार्रवाई नो वर्क नो पे नियम के तहत की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की चिट्ठी में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि हड़ताल के दिनों में किसी भी कर्मचारी को वेतन या मानदेय नहीं दिया जाएगा। वहीं, सरकार के आदेश के अनुसार अगले छह महीने तक डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी किसी भी प्रकार की हड़ताल नहीं कर सकेंगे। आदेश में कहा गया है कि हड़ताल से जनता की जान और स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है, इसलिए सेवाएं बिना रुकावट जारी रहनी चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा है कि डॉक्टरों की घोषणा के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं बाधित नहीं हुईं। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक के बाद वीडियो संदेश में कहा कि आम आदमी पर स्ट्राइक का कोई असर नहीं पड़ा है और सरकार कई मांगों पर विचार कर रही है।
उधर, हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन (HCMA) ने 10 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल और भूख हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया है। एसोसिएशन के प्रधान राजेश ख्यालिया ने कहा कि सरकार संवेदनहीन रवैया अपना रही है।
हड़ताल का असर कई जिलों में देखने को मिला। महेंद्रगढ़ में डॉक्टरों की कमी से छह साल की बच्ची का पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया और उसे नारनौल भेजना पड़ा। पंचकूला में मरीज घंटों डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। हिसार में हादसे में घायल युवक को सिविल अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिले। कैथल में महिला को अल्ट्रासाउंड न होने के कारण वापस लौटना पड़ा।
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