हरियाणा में LPG संकट गहराया, गैस बुकिंग में OTP नहीं: ढाबों-रेस्टोरेंट्स पर असर, सरकार ने जारी किया टोल फ्री नंबर
हरियाणा में एलपीजी गैस सप्लाई प्रभावित होने से सिलेंडर बुकिंग में OTP नहीं आ रहे और एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं। ढाबों और क्लाउड किचन पर भी असर पड़ा है।
➤ हरियाणा में कॉमर्शियल LPG सप्लाई प्रभावित, ढाबों-रेस्टोरेंट्स के पास सीमित स्टॉक
➤ गैस बुकिंग में OTP नहीं आने से उपभोक्ता परेशान, एजेंसियों के बाहर लगी कतारें
➤ सरकार ने नोडल अधिकारी नियुक्त किया, शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर जारी
हरियाणा में इन दिनों एलपीजी गैस की सप्लाई का संकट गहरा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़े तनाव का असर अब प्रदेश तक पहुंच गया है। कई जगहों पर कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई प्रभावित होने लगी है, जबकि घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी में भी देरी हो रही है।
प्रदेश के कई जिलों में लोग गैस एजेंसियों के बाहर खाली सिलेंडर लेकर कतारों में खड़े नजर आए। पहले जहां 1 से 2 दिन में गैस की डिलीवरी हो जाती थी, वहीं अब लोगों को एक हफ्ते तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके अलावा कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि ऑनलाइन बुकिंग के दौरान OTP नहीं आ रहे, जिससे सिलेंडर बुकिंग में दिक्कत आ रही है।
स्थिति का असर खासतौर पर फूड कारोबारियों पर पड़ रहा है। गुरुग्राम में कई क्लाउड किचन कॉमर्शियल गैस पर निर्भर हैं। सप्लाई बाधित होने से कुछ किचन अस्थायी रूप से बंद हो गए हैं। वहीं सोनीपत के मुरथल में ढाबा संचालक खाने के दाम बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि उनके पास भी गैस का सीमित स्टॉक बचा है।
गैस की कमी के कारण ब्लैक में सिलेंडर खरीदने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को भी दोगुनी कीमत चुकानी पड़ रही है। ऐसे में कई छोटे कारोबारियों ने फिलहाल अपना काम बंद कर दिया है या वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने लगे हैं।
प्रदेश के कई जिलों जैसे हिसार, सोनीपत, फतेहाबाद, हांसी, पानीपत, कैथल, रेवाड़ी और फरीदाबाद में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। उपभोक्ताओं का कहना है कि अगर जल्द ही सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो घरेलू रसोई चलाना भी मुश्किल हो सकता है।
अगर प्रदेश की गैस सप्लाई चेन की बात करें तो हरियाणा में रोजाना करीब 580 टन कॉमर्शियल LPG की सप्लाई होती है। इसमें इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम तीनों कंपनियां मिलकर गैस उपलब्ध कराती हैं। वहीं घरेलू उपयोग के लिए रोजाना करीब 3053 टन LPG की जरूरत पड़ती है।
कंपनियों के स्टॉक के आंकड़ों के अनुसार 10 मार्च तक इंडियन ऑयल के पास करीब 2966 टन LPG स्टॉक मौजूद है और करीब 1624 टन गैस ट्रांजिट में है। यह स्टॉक लगभग 3 दिन की घरेलू जरूरतें ही पूरी कर सकता है। वहीं भारत पेट्रोलियम के पास करीब 4238 टन स्टॉक है, जिससे करीब 7 दिन तक सप्लाई संभव बताई जा रही है। इसी तरह हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पास करीब 4232 टन गैस उपलब्ध है, जिससे लगभग 5 दिन तक मांग पूरी हो सकती है।
उधर मुरथल के ढाबों को पाइपलाइन के जरिए गैस देने वाली एजेंसी ने सप्लाई में करीब 20 प्रतिशत कटौती कर दी है। ढाबा संचालकों का कहना है कि यदि स्थिति ज्यादा दिनों तक बनी रही तो खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं।
घरेलू गैस की बुकिंग के लिए बदलें हैं ये नियम
सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गैस वितरण व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी जाए और लोगों में घबराहट की स्थिति न बने। इसके लिए कई जिलों में टास्क फोर्स भी गठित की गई है।
इसके अलावा हरियाणा सरकार ने गैस आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 18001802087 जारी किया है। उपभोक्ता गैस से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
Akhil Mahajan