हरियाणा में 24 साल बाद वोटर लिस्ट का बड़ा सत्यापन अभियान शुरू

हरियाणा में 24 साल बाद वोटर लिस्ट का बड़ा SIR अभियान शुरू होगा। चुनाव आयोग ने 18% डेटा गड़बड़ी, डुप्लीकेट और गलत वोटर एंट्री सुधारने के लिए घर-घर सत्यापन की तैयारी की है।

हरियाणा में 24 साल बाद वोटर लिस्ट का बड़ा सत्यापन अभियान शुरू

• हरियाणा में 24 साल बाद वोटर लिस्ट का बड़ा SIR अभियान शुरू होगा

• चुनावी डेटा में 18% गड़बड़ी, डुप्लीकेट और गलत एंट्री पर फोकस

• फतेहाबाद मैपिंग में सबसे आगे, फरीदाबाद सबसे पीछे


हरियाणा में करीब 24 साल बाद मतदाता सूची का बड़ा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान शुरू होने जा रहा है। चुनाव आयोग ने 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाने का फैसला लिया है। इस दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। अंतिम मतदाता सूची 22 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि इस बार अभियान का मुख्य उद्देश्य गलत, डुप्लीकेट, शिफ्टेड और मृत मतदाताओं की पहचान करना होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने पर जोर दे रहा है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिन लोगों के नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं होंगे, उनकी बूथवार सूची पंचायत भवन, नगर निकाय कार्यालय और बीडीपीओ कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएगी। साथ ही यह भी सार्वजनिक किया जाएगा कि संबंधित व्यक्ति का नाम क्यों नहीं जोड़ा गया या हटाया गया।

इन सूचियों को मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर भी अपलोड किया जाएगा। इससे मतदाताओं को अपने नाम से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकेगी।

सीईओ ने बताया कि जिन घरों से गणना फॉर्म वापस नहीं मिलेंगे, वहां BLO कम से कम तीन बार विजिट करेगा। जरूरत पड़ने पर पड़ोसियों से भी जानकारी ली जाएगी कि संबंधित व्यक्ति घर बदल चुका है, मृत है या लंबे समय से वहां नहीं रह रहा।

उन्होंने कहा कि यदि कोई मतदाता घर पर मौजूद नहीं है तो परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य फॉर्म पर हस्ताक्षर कर BLO को जमा कर सकता है। इससे नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से बाहर रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ए. श्रीनिवास ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि हरियाणा के चुनावी डेटा में करीब 18 प्रतिशत यानी लगभग 37 लाख वोटों में लॉजिकल एरर मिली हैं। इनमें नामों की स्पेलिंग गलत होना, डुप्लीकेट एंट्री और अन्य तकनीकी त्रुटियां शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि BLO अपने साथ 30 से 40 खाली Form-6 और घोषणा पत्र लेकर चलेंगे ताकि मौके पर ही नए मतदाताओं का पंजीकरण किया जा सके।

21 मई 2026 तक हरियाणा में कुल 2,06,52,760 मतदाता दर्ज किए जा चुके हैं। राज्य में कुल 20,629 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदाता मैपिंग का अब तक 64.16 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

चुनाव आयोग के अनुसार फतेहाबाद जिला मैपिंग प्रक्रिया में सबसे आगे चल रहा है, जबकि फरीदाबाद सबसे पीछे है। वहीं फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत और पंचकुला की हाईराइज सोसायटियों में BLO की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 जारी किया गया है। यह सेवा सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक दो शिफ्टों में उपलब्ध रहेगी।

गौरतलब है कि हरियाणा में आखिरी बार वर्ष 2002 में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया गया था। करीब 24 साल बाद अब चुनाव आयोग पूरे राज्य में बड़े स्तर पर वोटर डेटा का दोबारा सत्यापन करने जा रहा है।