Middle East Crisis: हवाई सफर हुआ महंगा, IndiGo ने फिर बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, 10000 तक बढ़े टिकट के दाम
IndiGo ने ATF की बढ़ती कीमतों के चलते 2 अप्रैल से फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट टिकट महंगे हो गए हैं।
➤ मिडिल ईस्ट संकट के बीच IndiGo ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज
➤ लंबी दूरी की फ्लाइट्स पर यात्रियों की जेब पर बढ़ा बोझ
➤ 2 अप्रैल से नई दरें लागू, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रभावित
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब भारत में हवाई यात्रा पर साफ नजर आने लगा है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतों के चलते फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें 2 अप्रैल से की गई सभी नई बुकिंग पर लागू होंगी, चाहे यात्रा घरेलू हो या अंतरराष्ट्रीय।
पहले जहां सभी घरेलू रूट्स पर ₹425 का फ्लैट फ्यूल चार्ज लिया जा रहा था, अब इसे दूरी के आधार पर स्लैब में बांट दिया गया है। छोटे रूट्स पर थोड़ी राहत जरूर दी गई है, लेकिन लंबी दूरी की फ्लाइट्स में यात्रियों को ज्यादा भुगतान करना होगा।
नई दरों के अनुसार, 500 किमी तक ₹275, 500–1000 किमी ₹400, 1000–1500 किमी ₹600, 1500–2000 किमी ₹800 और 2000 किमी से ज्यादा दूरी पर ₹950 फ्यूल चार्ज देना होगा। इससे साफ है कि छोटी दूरी के यात्रियों को कुछ राहत मिली है, लेकिन लंबी दूरी के सफर पर खर्च बढ़ गया है।
यह बदलाव महज तीन हफ्तों में दूसरी बार किया गया है। 14 मार्च को पहली बार फ्यूल सरचार्ज लागू किया गया था, लेकिन मिडिल ईस्ट संकट और ईंधन कीमतों में तेज उछाल के चलते एयरलाइन को इसे फिर संशोधित करना पड़ा।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर स्थिति और भी गंभीर है। यहां फ्यूल चार्ज में तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी देखी गई है। पहले मिडिल ईस्ट के लिए करीब ₹900 फ्यूल चार्ज था, जो अब बढ़कर ₹3000 से ₹5000 तक पहुंच गया है। वहीं यूरोप रूट पर यह ₹2300 से बढ़कर ₹10,000 तक हो गया है।
सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए कुछ राहत जरूर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस को सिर्फ 25% तक ही बढ़ोतरी पास करने की अनुमति दी है, ताकि टिकट की कीमतों में अचानक भारी उछाल न आए। हालांकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ऐसी कोई सीमा तय नहीं की गई है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। खासकर लंबी दूरी और इंटरनेशनल फ्लाइट्स में टिकट महंगे हो जाएंगे। एयरलाइन का कहना है कि उसने पूरा बोझ यात्रियों पर नहीं डाला है, लेकिन अगर ATF की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में किराए में और इजाफा हो सकता है।
इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के जेट फ्यूल मॉनिटर के अनुसार, पिछले एक महीने में इस क्षेत्र में फ्यूल की कीमतें 130% से ज्यादा बढ़ चुकी हैं, जिससे एयरलाइंस पर भारी दबाव बना हुआ है।
Akhil Mahajan