बंदर ने पिल्ले को गोद में लेकर 20 फीट ऊंचे पेड़ पर बैठाया, फ‍िर 10 मिनट तक सीने से लगा रखा

एक बंदर पिल्ले को गोद में उठाकर 20 फीट ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया। 10 मिनट बाद उसे सुरक्षित नीचे छोड़ने का वीडियो वायरल हो रहा है।

बंदर ने पिल्ले को गोद में लेकर 20 फीट ऊंचे पेड़ पर बैठाया, फ‍िर 10 मिनट तक सीने से लगा रखा
  • बंदर ने पिल्ले को गोद में उठाकर 20 फीट ऊंचे पेड़ पर बैठाया
  • करीब 10 मिनट तक पिल्ले को सीने से लगाए रखा, फिर सुरक्षित नीचे उतारा
  • दिल छू लेने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के रिवालसर से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने लोगों को हैरान भी किया है और भावुक भी। आमतौर पर कुत्तों और बंदरों के बीच झगड़े और छीना-झपटी की घटनाएं देखने को मिलती हैं, लेकिन इस बार जो नजारा सामने आया, वह बिल्कुल अलग था।

रिवालसर में एक बंदर अचानक एक कुत्ते के पिल्ले को गोद में उठाकर पेड़ पर चढ़ गया। बंदर लगभग 20 फीट ऊंचाई पर जाकर बैठ गया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। सभी को डर था कि कहीं बंदर पिल्ले को नुकसान न पहुंचा दे या फिर ऊंचाई से नीचे न गिरा दे।

मगर इसके बाद जो हुआ, उसने सभी को चौंका दिया। बंदर करीब 10 मिनट तक पिल्ले को अपने सीने से लगाए बैठा रहा। इस दौरान उसने पिल्ले को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया। हैरानी की बात यह रही कि पिल्ला भी बंदर की गोद में बिल्कुल शांत नजर आया और उसने किसी तरह की घबराहट नहीं दिखाई।

रिवालसर में पेड़ पर पिल्ले को लेकर बैठा बंदर और पिल्ला भी बिना घबराहट शांत बैठा नजर आ रहा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बंदर का व्यवहार किसी मां की तरह दिखाई दे रहा था। वह लगातार पिल्ले को अपने करीब रखे हुए था। कुछ देर बाद बंदर खुद पेड़ से नीचे उतरा और पिल्ले को सुरक्षित जमीन पर छोड़ दिया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

स्थानीय निवासी अजय सूर्या ने बताया कि जब बंदर पिल्ले को लेकर पेड़ पर चढ़ा था, तब सभी लोग उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। पेड़ की ऊंचाई करीब 20 फीट थी और यदि पिल्ला नीचे गिर जाता तो उसकी जान भी जा सकती थी। हालांकि बंदर ने ऐसा कुछ नहीं किया और उसे सुरक्षित नीचे ले आया।

इस पूरे घटनाक्रम का किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया। लोग बंदर और पिल्ले के इस अनोखे रिश्ते को देखकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग इसे ममता और संवेदनशीलता का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे प्रकृति के अप्रत्याशित व्यवहार से जोड़ रहे हैं।

हालांकि इस घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। अजय सूर्या के मुताबिक जिस पिल्ले को बंदर ने उठाया था, वह कोई पालतू कुत्ता नहीं बल्कि स्ट्रे डॉग था। उन्होंने कहा कि भले ही इस बार बंदर ने पिल्ले को नुकसान नहीं पहुंचाया, लेकिन यदि भविष्य में बंदर इसी तरह इंसानों के छोटे बच्चों को उठाने की कोशिश करें तो स्थिति खतरनाक हो सकती है। ऐसे में स्थानीय लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सतर्क हो गए हैं।