हिसार में इनेलो राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक: बुढ़ापा पेंशन, किसान और जमीन के मुद्दे पर सरकार को चेतावनी
हिसार में इनेलो की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में अभय चौटाला ने बुढ़ापा पेंशन, किसान और जमीन के मुद्दे पर सरकार को घेरा और 20 फरवरी को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
➤ बुढ़ापा पेंशन को कमजोर करने का आरोप, 75 हजार बुजुर्ग पेंशन से वंचित
➤ नवंबर 2026 से ₹3200 पेंशन की मांग, 20 फरवरी को पंचकूला में बड़े आंदोलन की चेतावनी
➤ किसान, युवा और जमीन के मुद्दे पर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को हिसार स्थित ताऊ देवी लाल सदन में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में इनेलो सुप्रीमो चौधरी अभय सिंह चौटाला पहुंचे, जबकि अध्यक्षता जिला प्रधान सतपाल काजला ने की। बैठक में संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ प्रदेश की राजनीतिक स्थिति, किसानों की समस्याएं, बुजुर्गों की पेंशन और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए चौधरी अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा की बीजेपी सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जननायक चौधरी देवीलाल द्वारा बुजुर्गों के स्वाभिमान और सम्मान के लिए शुरू की गई बुढ़ापा पेंशन योजना को वर्तमान सरकार ने आय सीमा और जटिल नियमों के नाम पर कमजोर कर दिया है। इसका नतीजा यह हुआ है कि प्रदेश के लगभग 75 हजार बुजुर्ग पेंशन से वंचित हो चुके हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
अभय चौटाला ने सरकार से मांग की कि नवंबर 2026 से सभी पात्र बुजुर्गों को ₹3200 प्रतिमाह बुढ़ापा पेंशन दी जाए। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मांग को अनदेखा किया तो 20 फरवरी को पंचकूला में राज्य-स्तरीय विशाल और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
युवाओं के मुद्दे पर बोलते हुए इनेलो सुप्रीमो ने हाल ही में संपन्न हुए पार्टी के युवा सम्मेलन की अभूतपूर्व सफलता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में बढ़ता उत्साह इस बात का संकेत है कि प्रदेश में बड़ा राजनीतिक परिवर्तन आने वाला है। इनेलो युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के लिए ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है।
पर्यावरण संरक्षण के नाम पर चल रहे भूमि विवाद पर चिंता जताते हुए अभय चौटाला ने कहा कि जिस तरह राजस्थान में सोलर प्रोजेक्ट्स के नाम पर किसानों की जमीनों पर संकट खड़ा किया गया, वैसी ही स्थिति हरियाणा में भी बनाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनेलो सौर ऊर्जा के खिलाफ नहीं है, लेकिन किसानों की उपजाऊ जमीन को कॉर्पोरेट घरानों को सौंपने के किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध करेगी।
किसानों की समस्याओं को उठाते हुए इनेलो नेताओं ने कहा कि प्रदेश का किसान इस समय रबी फसल के लिए डीएपी और यूरिया खाद की भारी किल्लत से जूझ रहा है। पिछली खराब फसलों का मुआवजा अब तक लंबित है और मंडियों में एमएसपी की गारंटी न होने से किसानों का आर्थिक शोषण हो रहा है। पार्टी ने ऐलान किया कि इन सभी मुद्दों को लेकर गांव-गांव और जिले-जिले में आंदोलन तेज किया जाएगा।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राम पाल माजरा, पूर्व मंत्री सम्पत सिंह, पूर्व मंत्री शेर सिंह बड़सामी, डबवाली विधायक आदित्य सिंह चौटाला, महिला प्रदेश अध्यक्ष सुनैना चौटाला, राष्ट्रीय संगठन सचिव उम्मेद सिंह लोहान, प्रकाश भारती, जसबीर सिंह ढिल्लों, सतबीर सिंह सिसाय, सभी जिला प्रधान, विभिन्न प्रकोष्ठों के संयोजक, हिसार जिले के सभी हलका प्रधान, जिला कार्यकारिणी सदस्य और जिला प्रवक्ता विनोद कसवां एडवोकेट मौजूद रहे।
Akhil Mahajan