सूरज हत्याकांड का आरोपी एनकाउंटर, तनाव
करनाल में सूरज हत्याकांड के तीसरे आरोपी से पुलिस की मुठभेड़ में गोली लगी। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ा और सरेंडर को लेकर विवाद गहराया।
➤ सूरज हत्याकांड में तीसरे आरोपी से पुलिस की मुठभेड़, टांग में लगी गोली
➤ घटनास्थल से बाइक और अवैध देसी पिस्टल बरामद, एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
➤ एनकाउंटर की खबर से करनाल में तनाव, सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज से बढ़ा विवाद
हरियाणा के करनाल जिले के गांव गोंदर में हुए चर्चित सूरज हत्याकांड में तीसरे आरोपी और सीआईए-2 टीम के बीच देर रात मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान आरोपी गोविंद की टांग में गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह पूरी घटना घरौंडा क्षेत्र के फुरलक-उपली रोड पर हुई। घटना के बाद मौके पर पहुंची एफएसएल टीम ने साक्ष्य जुटाए और जांच शुरू की।
एनकाउंटर की खबर सामने आते ही पूरे करनाल में माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह सूचना तेजी से वायरल हुई, जिससे लोगों में आक्रोश और आशंका दोनों देखने को मिले।
एनकाउंटर से पहले ही समाज के लोगों को इस तरह की कार्रवाई की आशंका थी। इसी के चलते एससी समाज के लोग करनाल के अंबेडकर चौक पर एकत्रित हो गए। जैसे ही मुठभेड़ की सूचना फैली, यह खबर आग की तरह फैल गई और बड़ी संख्या में लोग सरकारी अस्पताल पहुंच गए।
मामले में सबसे बड़ा विवाद आरोपी के सरेंडर को लेकर खड़ा हो गया है। समाज के लोगों का दावा है कि आरोपी गोविंद ने पहले ही मधुबन थाना में सरेंडर कर दिया था, जबकि पुलिस की ओर से इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। यही विवाद अब पूरे मामले को और संवेदनशील बना रहा है।
बताया जा रहा है कि व्हाट्सएप मैसेज के जरिए इस विवाद को और हवा मिली। घरौंडा के मलखान नंबरदार ने दावा किया कि 26 अप्रैल को दोपहर करीब 12 बजे गोविंद को मधुबन थाना में सरेंडर कराया गया था, जिसके बाद सीआईए-2 टीम उसे अपने साथ ले गई।
मलखान नंबरदार ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरोपी को कोर्ट में पेश करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन बाद में उसे कहीं और ले जाया गया। उन्होंने साफ कहा कि सजा देने का अधिकार केवल कोर्ट को है, पुलिस को नहीं।
इसी बीच करनाल के एसपी पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। आरोप लगाया गया कि उनका रवैया एससी समाज के प्रति ठीक नहीं रहा है। साथ ही प्रशासन से कानून हाथ में न लेने की अपील की गई।
सोशल मीडिया पर रिंकू कोहंड का एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने दावा किया कि दो आरोपी पहले ही कोर्ट में सरेंडर कर चुके हैं और तीसरे आरोपी गोविंद ने भी थाना में आत्मसमर्पण किया था। उन्होंने एनकाउंटर की आशंका को गलत बताते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, अंबेडकर चौक पर मौजूद कुछ लोगों ने बाद में अपील की कि बिना पुष्टि के कोई भी खबर या वीडियो शेयर न किया जाए और शांति बनाए रखी जाए। प्रशासन भी लगातार लोगों से संयम बरतने की अपील कर रहा है।
अगर पूरे मामले की पृष्ठभूमि देखें तो यह घटना 18 अप्रैल की शाम की है। गांव गोंदर में सूरज राणा पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। वारदात के बाद आरोपी बाइक पर सवार होकर फरार हो गए थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या पुरानी रंजिश का परिणाम थी। वर्ष 2019 में हुए एक हत्या मामले में सूरज का नाम सामने आया था और वह कुछ महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने बदला लेने की योजना बनाई।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कुलदीप ने अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए करीब एक महीने तक सूरज की रेकी की थी। इसके बाद अपने साथियों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध स्वरूप निसिंग के कैथल रोड पर जाम भी लगाया था, जिसे बाद में पुलिस ने समझाकर खुलवाया।
Akhil Mahajan