"क्या खत्म हो गई नाराजगी? कुलदीप बिश्नोई से गले मिल मिले मुख्यमंत्री सैनी"

रेखा शर्मा विवाद के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी का कुलदीप बिश्नोई के घर पहुंचना हरियाणा की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है। क्या यह सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात थी या कोई बड़ा राजनीतिक संदेश?

"क्या खत्म हो गई नाराजगी? कुलदीप बिश्नोई से गले मिल मिले मुख्यमंत्री सैनी"

रेखा शर्मा विवाद के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कुलदीप बिश्नोई से की मुलाकात

दिल्ली स्थित आवास पर परिवार संग लंच, राजनीतिक चर्चाओं पर हुई बातचीत

भजनलाल की पुण्यतिथि से पहले मुलाकात के निकाले जा रहे राजनीतिक मायने


हरियाणा की राजनीति में पिछले दिनों राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा के बयान को लेकर हुए विवाद के बाद सोमवार को एक अहम राजनीतिक मुलाकात देखने को मिली। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने दिल्ली स्थित आवास पर भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुलदीप बिश्नोई को गले लगाया और उनके बेटे भव्य बिश्नोई से हाथ मिलाकर आत्मीयता का संदेश दिया।

दिल्ली स्थित आवास में कुलदीप बिश्नोई से बातचीत करते सीएम नायब सैनी।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कुलदीप बिश्नोई, उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई, बेटे भव्य बिश्नोई और विधायक रणधीर पनिहार के साथ लंच भी किया। इस बैठक की जानकारी कुलदीप बिश्नोई ने स्वयं अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर तस्वीरों के साथ साझा की।

सोशल मीडिया पोस्ट में कुलदीप बिश्नोई ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को मिलनसार, मृदुभाषी और सरल व्यक्तित्व का धनी बताते हुए कहा कि उनसे मुलाकात हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराती है। उन्होंने बताया कि इस दौरान पारिवारिक विषयों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर भी विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई।

भव्य बिश्नोई से हाथ मिलाते मुख्यमंत्री नायब सैनी।

इस मुलाकात को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि 3 जून को पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल की पुण्यतिथि है। बिश्नोई परिवार इस अवसर पर आदमपुर में बड़ी संख्या में समर्थकों को जुटाकर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रहा था। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा थी कि इस कार्यक्रम के जरिए बिश्नोई परिवार अपने समर्थकों को बड़ा संदेश दे सकता है। ऐसे में पुण्यतिथि कार्यक्रम से ठीक पहले मुख्यमंत्री का कुलदीप बिश्नोई के आवास पहुंचना कई राजनीतिक संकेत दे रहा है।

दरअसल, विवाद की शुरुआत उस समय हुई थी जब भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने पंचकूला नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल और उनके बेटे चंद्रमोहन का जिक्र करते हुए विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि पहले पंचकूला में भजनलाल और चंद्रमोहन की बदमाशी चलती थी और वे बदमाशी करके चुनाव जीतते थे।

रेखा शर्मा के इस बयान के बाद बिश्नोई समाज और भजनलाल समर्थकों ने कड़ा विरोध जताया था। कई स्थानों पर शिकायतें दी गईं और एफआईआर दर्ज करने की मांग भी उठी। कुलदीप बिश्नोई ने सार्वजनिक रूप से रेखा शर्मा से माफी मांगने की मांग की थी। वहीं चंद्रमोहन ने उनके खिलाफ कानूनी नोटिस भेजकर अदालत का रुख किया था।

विवाद बढ़ने पर 15 मई को रेखा शर्मा ने अपने बयान पर खेद जताते हुए माफी मांग ली थी। उन्होंने कहा था कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। इसके बाद कुलदीप बिश्नोई ने भी उन्हें माफ कर दिया था और विवाद को समाप्त मान लिया गया था।

यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री नायब सैनी कुलदीप बिश्नोई से नाराजगी दूर करने के लिए उनके आवास पहुंचे हों। इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान हिसार सीट से टिकट नहीं मिलने पर कुलदीप बिश्नोई पार्टी से नाराज बताए जा रहे थे। उस समय भी नायब सैनी दिल्ली स्थित बिश्नोई हाउस पहुंचे थे और परिवार के साथ नाश्ता कर राजनीतिक दूरी कम करने की कोशिश की थी।