नेशनल खिलाड़ी बेटी की बिगड़ी हालत, मां बोली- दामाद ने फंदे पर लटकाया

वाराणसी की नेशनल वॉलीबॉल खिलाड़ी प्रिया सिंह के साथ कथित हिंसा का मामला सामने आया है। मां ने जेई दामाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं और न्याय की मांग की है।

नेशनल खिलाड़ी बेटी की बिगड़ी हालत, मां बोली- दामाद ने फंदे पर लटकाया

नेशनल प्लेयर प्रिया को पति ने फंदे पर लटकाया, गंभीर हालत
मां का आरोप- JE दामाद करता था प्रताड़ित, जमीन अपने नाम कराने का दबाव
10 महीने से बेटी की हालत खराब, इंसाफ के लिए अधिकारियों के चक्कर


वाराणसी में एक राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल खिलाड़ी की जिंदगी शादी के कुछ महीनों बाद ही दर्दनाक मोड़ पर पहुंच गई। काशी विद्यापीठ से एमपीएड में टॉपर और नेशनल वॉलीबॉल प्लेयर रही प्रिया सिंह आज न तो ठीक से बोल पा रही हैं और न ही अपनी पुरानी यादों को याद कर पा रही हैं। उनकी मां निशा सिंह का आरोप है कि उनकी बेटी को उसके पति ने फंदे पर लटका दिया, जिससे उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई।

मां निशा सिंह का दर्द शब्दों में साफ झलकता है। उनका कहना है कि जो बेटी कभी उनका सहारा थी, आज वही खुद सहारे की मोहताज हो गई है। वे बताती हैं कि प्रिया ने कई खेलों में मेडल जीते थे और काशी विद्यापीठ की टीम की कप्तान भी रही हैं। लेकिन आज वह अपने ही मेडल और ट्रॉफियों को चुपचाप देखती रहती हैं, बोलने की स्थिति में नहीं हैं।प्रिया कोमा से बाहर आ चुकी हैं, लेकिन उन्हें अब कुछ याद नहीं है।

निशा सिंह के अनुसार, प्रिया की शादी 25 फरवरी 2025 को गोरखपुर में सिंचाई विभाग में कार्यरत जेई अमित कुमार वर्मा से हुई थी। शादी में करीब 8 लाख रुपए दहेज भी दिया गया था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन एक महीने बाद ही प्रिया को प्रताड़ित किया जाने लगा। आरोप है कि दामाद प्रिया पर मायके की जमीन अपने नाम कराने का दबाव बनाता था और मना करने पर मारपीट करता था।

घटना का सबसे दर्दनाक पहलू 8 जुलाई 2025 का है, जब तड़के 3 बजे निशा सिंह को फोन कर बताया गया कि उनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है। परिवार तुरंत गोरखपुर पहुंचा, जहां प्रिया अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती मिलीं। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हालत नाजुक है। बाद में उन्हें लखनऊ रेफर किया गया, जहां लंबे इलाज के बाद वह कोमा से बाहर तो आ गईं, लेकिन उनकी बोलने की क्षमता और याददाश्त बुरी तरह प्रभावित हो चुकी है।

डॉक्टरों के अनुसार, फंदे के कारण उनके वोकल कॉर्ड को गहरी चोट पहुंची है, जिससे बोलने में कठिनाई होती है। वहीं मानसिक स्थिति भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। पिछले 10 महीनों से परिवार लगातार इलाज और न्याय की लड़ाई लड़ रहा है।

7 अप्रैल को निशा सिंह अपनी बेटी को लेकर कमिश्नर मोहित अग्रवाल के पास पहुंचीं और न्याय की गुहार लगाई। कमिश्नर ने उन्हें भरोसा दिया कि मामले में उचित कार्रवाई होगी। हालांकि, मां का कहना है कि अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है और आरोपी पक्ष से धमकियां भी मिल रही हैं।

निशा सिंह ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे अपनी बेटी के साथ आत्मदाह करने को मजबूर हो सकती हैं। उनका कहना है कि एक मां के लिए इससे बड़ा दुख कोई नहीं हो सकता कि उसकी होनहार बेटी इस हालत में पहुंच जाए और दोषी खुलेआम घूमते रहें।