15 साल के वैभव सूर्यवंशी को BCCI ने दी विशेष अनुमति
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड दौरे पर माता-पिता के साथ रहने की अनुमति मिली है। BCCI ने नाबालिग खिलाड़ी की सुविधा और मानसिक सहजता को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया।
- 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को BCCI ने दी विशेष अनुमति
- इंग्लैंड दौरे पर माता-पिता भी रह सकेंगे साथ
- नाबालिग खिलाड़ी की मानसिक सहजता को प्राथमिकता
भारतीय क्रिकेट में महज 15 साल की उम्र में टीम इंडिया तक पहुंचना किसी सपने के सच होने जैसा है। लेकिन युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की कहानी केवल रिकॉर्ड और रनों तक सीमित नहीं है। अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने उनके लिए एक ऐसा विशेष फैसला लिया है, जो उनकी प्रतिभा के साथ-साथ उनकी कम उम्र और मानसिक सहजता को भी महत्व देता है।
आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुने गए वैभव सूर्यवंशी इंग्लैंड दौरे पर अपने माता-पिता के साथ यात्रा कर सकेंगे। BCCI ने इसके लिए विशेष अनुमति प्रदान की है।
बोर्ड का मानना है कि इतनी कम उम्र में विदेशी दौरे और सीनियर खिलाड़ियों के बीच खुद को सहज महसूस कराना किसी भी किशोर खिलाड़ी के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में परिवार की मौजूदगी वैभव को मानसिक रूप से मजबूत और आत्मविश्वासी बनाए रखने में मदद करेगी।
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने एक चैनल से बातचीत में कहा कि वैभव अभी नाबालिग हैं। अब तक उन्होंने अपनी उम्र के खिलाड़ियों के साथ ही टूर्नामेंट और सीरीज में हिस्सा लिया है। हालांकि सीनियर भारतीय टीम के साथ माहौल पूरी तरह अलग होगा।
उन्होंने बताया कि इसी बात को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने निर्णय लिया है कि वैभव के माता-पिता या परिवार का कोई सदस्य उनके साथ इंग्लैंड दौरे पर रह सकता है। इससे युवा खिलाड़ी को नए माहौल में ढलने और अपने खेल पर बेहतर तरीके से फोकस करने में मदद मिलेगी।
वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा माना जा रहा है। बेहद कम उम्र में उन्होंने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों को प्रभावित किया है। यही वजह है कि अब उनसे भविष्य में भारतीय क्रिकेट की बड़ी उम्मीदें जुड़ गई हैं।
BCCI का यह फैसला भी इस बात का संकेत है कि बोर्ड अब युवा खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और समग्र विकास पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार का साथ मिलने से वैभव जैसे युवा खिलाड़ियों को दबाव से निपटने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को बेहतर साबित करने में मदद मिलेगी।
pooja