नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल से लागू, कई नियमों में बड़ा बदलाव: जानिए क्या होगा असर

1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होगा, जिसमें आईटीआर, टीडीएस, टीसीएस और पैन से जुड़े कई बड़े बदलाव किए गए हैं।

नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल से लागू, कई नियमों में बड़ा बदलाव: जानिए क्या होगा असर

1961 का कानून होगा खत्म, नया टैक्स सिस्टम लागू
आईटीआर, टीडीएस, टीसीएस और पैन नियमों में बड़े बदलाव
शेयर मार्केट निवेशकों पर भी पड़ेगा सीधा असर



देशभर में 1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू होने जा रहा है और इसके साथ ही नया इनकम टैक्स एक्ट 2026 लागू किया जाएगा, जो अब तक लागू इनकम टैक्स एक्ट 1961 को पूरी तरह से रिप्लेस करेगा। सरकार का उद्देश्य इस नए कानून के जरिए टैक्स सिस्टम को अधिक सरल, पारदर्शी और समझने में आसान बनाना है, ताकि आम टैक्सपेयर्स को नियमों को समझने और पालन करने में आसानी हो सके।

नए नियमों के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि अब “एसेसमेंट ईयर” की जगह “टैक्स ईयर” शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे टैक्स से जुड़े टर्म्स आम लोगों के लिए ज्यादा स्पष्ट हो जाएंगे। वहीं, आईटीआर फाइलिंग की तारीखों में भी बदलाव किया गया है, जहां आईटीआर-3 और आईटीआर-4 भरने वाले नॉन-ऑडिट टैक्सपेयर्स को अब 31 अगस्त तक का समय मिलेगा, जबकि आईटीआर-1 और आईटीआर-2 की अंतिम तिथि पहले की तरह 31 जुलाई ही रहेगी, जिससे सैलरी क्लास पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

इसके अलावा रिवाइज्ड रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 मार्च कर दी गई है, लेकिन 31 दिसंबर के बाद रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। वहीं उदारीकृत प्रेषण योजना के तहत शिक्षा और चिकित्सा से जुड़े विदेशी खर्चों पर टीसीएस दर को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है, जिससे विदेश में पढ़ाई या इलाज कराने वालों को राहत मिलेगी। हालांकि अन्य विदेशी ट्रांजैक्शन पर 20% टीसीएस पहले की तरह लागू रहेगा और विदेशी टूर पैकेज पर भी 2% टीसीएस लगेगा।

नए नियमों के तहत कुछ मामलों में टीडीएस से भी राहत दी गई है। मोटर एक्सीडेंट क्लेम में मिलने वाले मुआवजे के ब्याज पर अब टीडीएस नहीं कटेगा, जिससे पीड़ितों को पूरी राशि मिल सकेगी। इसके साथ ही कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को मिलने वाले कुछ ट्रैवल रीइंबर्समेंट को भी टैक्स फ्री कर दिया गया है।

एक और बड़ा बदलाव यह है कि अब कई मामलों में टीएएन की आवश्यकता समाप्त कर दी जाएगी और पैन आधारित सिस्टम को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे प्रक्रिया और सरल होगी। पैन का दायरा भी बढ़ाया गया है, जिसके तहत बड़े लेनदेन, महंगी गाड़ी खरीद, होटल बुकिंग और 20 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति खरीद में पैन अनिवार्य होगा।

पेंशन नियमों में भी बदलाव किया गया है, जहां अब आर्म्ड फोर्सेज की टैक्स छूट केवल उन्हीं को मिलेगी, जिन्होंने शारीरिक अक्षमता के कारण सेवा छोड़ी है। वहीं शिक्षा और हॉस्टल से जुड़े भत्तों में भी वृद्धि की गई है, जिससे छात्रों और परिवारों को कुछ राहत मिलेगी।

शेयर मार्केट निवेशकों के लिए भी नए नियम लागू होंगे। फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है, जिससे ट्रेडिंग महंगी हो सकती है। इसके अलावा कंपनियों के बायबैक से मिलने वाला मुनाफा अब कैपिटल गेन टैक्स के दायरे में आएगा, जिससे निवेशकों को अपने टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना होगा।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश के नियम भी बदले गए हैं, जहां अब सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए बॉन्ड पर कैपिटल गेन टैक्स लागू होगा। कुल मिलाकर नया इनकम टैक्स एक्ट आम लोगों, कर्मचारियों और निवेशकों—तीनों पर अलग-अलग तरीके से असर डालने वाला है और आने वाले समय में टैक्स सिस्टम को अधिक सरल और डिजिटल बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।