सोनीपत कांग्रेस में भीतरघात पर बड़ा एक्शन:सतबीर और कुलदीप पार्टी से आउट
सोनीपत कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में सतबीर निर्माण और कुलदीप खासा को निष्कासित कर दिया। नगर निगम चुनाव में भीतरघात करने वाले अन्य नेताओं के नाम भी हाईकमान को भेजे गए हैं।
- सोनीपत कांग्रेस में भीतरघात पर संगठन का बड़ा एक्शन
- सतबीर निर्माण और कुलदीप खासा पार्टी से निष्कासित
- नगर निगम चुनाव में बगावत करने वाले कई नेताओं के नाम हाईकमान को भेजे गए
हरियाणा के सोनीपत में नगर निगम चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता को लेकर संगठन ने सख्त रुख अपनाते हुए दो नेताओं सतबीर निर्माण और कुलदीप खासा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार नगर निगम चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से हटकर काम करने वाले और अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले एक दर्जन से ज्यादा नेताओं के नाम कांग्रेस हाईकमान को भेजे गए हैं। बताया जा रहा है कि इन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर शहरी जिला अध्यक्ष कमल दिवान ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश नेतृत्व को भेजी है।
सोनीपत जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि कुलदीप खासा और सतबीर निर्माण लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए गए। दोनों नेताओं पर संगठन और वरिष्ठ पदाधिकारियों के खिलाफ सार्वजनिक मंचों पर बयानबाजी करने के आरोप लगाए गए हैं। इसके चलते उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित करने के साथ-साथ सभी पदों से भी मुक्त कर दिया गया है।
पार्टी विरोधी गतिविधियों पर कांग्रेस का सख्त रुख
कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष कमल दिवान ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है और संगठन की गरिमा के खिलाफ किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से दोनों नेता पार्टी की नीतियों के विपरीत काम कर रहे थे और सार्वजनिक मंचों पर वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ बयान देकर संगठन की छवि खराब कर रहे थे।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस एक अनुशासित संगठन है और पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार की गुटबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी। अगर किसी नेता को कोई शिकायत या आपत्ति है तो उसके लिए पार्टी मंच उपलब्ध हैं, लेकिन मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक बयान देना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
चुनाव में भीतरघात करने वालों पर भी नजर
सूत्रों के मुताबिक नगर निगम चुनाव के दौरान पार्टी उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले कई नेताओं के नाम भी हाईकमान को भेजे गए हैं। इनमें बंसी कुंडू, नरेंद्र गोयल, अनिल रोहिल्ला, मोनिका नगर, राजपाल, संजीव टोंक, संतोष कादियान, यशवंत सिंह, सतबीर निर्माण, कुलदीप खासा और पवन गर्ग सहित कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं।
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस संगठन इन नेताओं के खिलाफ भी बड़ा फैसला ले सकता है। वहीं कुछ वरिष्ठ नेताओं के नामों को लेकर भी संगठन स्तर पर मंथन जारी है।
सतबीर निर्माण ने कार्रवाई को बताया गलत
कांग्रेस के शैलजा गुट से जुड़े नेता सतबीर निर्माण ने अपने निष्कासन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 21 मई को राजीव गांधी जयंती कार्यक्रम के दौरान उन्हें कांग्रेस भवन में मंच से अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नेतृत्व के कारण पार्टी लगातार कमजोर हो रही है।
सतबीर निर्माण ने दावा किया कि नगर निगम चुनाव में आखिरी समय पर उनकी टिकट काट दी गई थी और टिकट पैसों के आधार पर दूसरे व्यक्ति को दे दी गई। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं और खुद को पार्टी से निष्कासित किया जाना स्वीकार नहीं करते।
उन्होंने यह भी कहा कि जिला अध्यक्ष कमल दिवान को उन्हें पार्टी से निकालने का अधिकार नहीं है और पूरे मामले की जांच कांग्रेस हाईकमान से करवाई जानी चाहिए।
कुलदीप खासा ने टिकट वितरण पर उठाए सवाल
वहीं कुलदीप खासा ने भी पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेयर चुनाव में जिताऊ उम्मीदवारों की टिकट काटकर हारने वाले लोगों को टिकट दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत टिकट वितरण के कारण कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा और पार्टी को कमजोर करने का काम किया गया।
कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने के निर्देश
पार्टी की इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस संगठन की ओर से कार्यकर्ताओं को आगामी कार्यक्रमों में पूरी एकजुटता के साथ जुटने के निर्देश दिए गए हैं। संगठन अब नगर निगम चुनाव के बाद पैदा हुए असंतोष और गुटबाजी को नियंत्रित करने में जुट गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के भीतर अनुशासन को लेकर और भी बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।
Akhil Mahajan