भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत पर अमेरिका का हमला:श्रीलंका के पास डूबा, 87 सैनिकों की मौत; 32 का रेस्क्यू किया

भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना पर श्रीलंका के गाले तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो हमला किया। 87 नौसैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 32 को रेस्क्यू किया गया है।

भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत पर अमेरिका का हमला:श्रीलंका के पास डूबा, 87 सैनिकों की मौत; 32 का रेस्क्यू किया

श्रीलंका के गाले तट के पास टॉरपीडो हमले में युद्धपोत डूबा
लगभग 180 नौसैनिक सवार, 32 का रेस्क्यू; कई अब भी लापता
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू से लौट रहा था जहाज


अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव के पांचवें दिन हिंद महासागर में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका ने भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना को श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास निशाना बनाकर डुबो दिया। श्रीलंकाई सरकार के अनुसार इस हमले में अब तक 87 ईरानी नौसैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 32 घायलों को रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 इजराइली एयर डिफेंस सिस्टम का सोमवार रात ईरानी मिसाइल को गिराने का फुटेज।

मिली जानकारी के अनुसार हमला श्रीलंका के दक्षिणी शहर गाले से लगभग 40 समुद्री मील दूर हुआ। जहाज ने बुधवार सुबह करीब 6 से 7 बजे (भारतीय समयानुसार) मदद के लिए संदेश भेजा था। श्रीलंकाई नौसेना ने तत्काल सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और समुद्र से 32 घायल नौसैनिकों को सुरक्षित निकाला। लापता सैनिकों की तलाश अब भी जारी है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बयान जारी कर कहा कि हिंद महासागर में तैनात एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से निशाना बनाया, जिसके बाद जहाज डूब गया। इस कार्रवाई को अमेरिका ने अपनी रणनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा बताया है।

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने ईरान के ड्रोन पर हमले का फुटेज जारी किया है।

डूबा हुआ युद्धपोत IRIS देना हाल ही में भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में शामिल होकर लौट रहा था। इस बहुराष्ट्रीय नौसैनिक आयोजन में कई देशों के युद्धपोतों ने हिस्सा लिया था। भारत से वापसी के दौरान जहाज पर करीब 180 नौसैनिक सवार थे।

ईरानी नौसैनिकों को इलाज के लिए बुधवार को गाले के अस्पताल में ले जाया गया।

घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। श्रीलंका सरकार ने कहा है कि वह मानवीय आधार पर बचाव अभियान चला रही है और घायलों को हरसंभव चिकित्सीय सहायता दी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं, क्योंकि हिंद महासागर जैसे रणनीतिक क्षेत्र में यह बड़ा सैन्य घटनाक्रम माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला क्षेत्रीय शक्ति संतुलन और वैश्विक कूटनीति पर गहरा असर डाल सकता है। फिलहाल समुद्र में खोज अभियान जारी है और लापता नौसैनिकों के बारे में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।