गर्मी शुरू होते ही AC ऑन करने की कर रहे हैं तैयारी? पहले करें ये 5 जरूरी काम, नहीं तो कबाड़ बन जाएगा आपका एसी
गर्मी शुरू होते ही AC चालू करने से पहले किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए, जानिए सर्विस, फिल्टर, आउटडोर यूनिट, ड्रेन पाइप और स्टेबलाइजर जांच से जुड़ी पूरी जानकारी।
➤ सीजन शुरू होते ही AC सर्विस और फिल्टर सफाई जरूरी
➤ आउटडोर यूनिट और ड्रेन पाइप की जांच से बचेंगे लीकेज और ओवरलोड
➤ वायरिंग, स्टेबलाइजर और फैन मोड टेस्ट से टल सकती है बड़ी खराबी
फरवरी खत्म होने से पहले ही मौसम ने करवट ले ली है और दोपहर में गर्मी की तपिश महसूस होने लगी है। आने वाले दिनों में एयर कंडीशनर यानी AC चलाना मजबूरी बन सकता है। लेकिन हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में लोग महीनों से बंद पड़े AC को सीधे स्विच ऑन कर देते हैं। यही जल्दबाजी आगे चलकर भारी खर्च और बड़ी तकनीकी खराबी की वजह बन जाती है। सीजन की शुरुआत में थोड़ी सी सावधानी आपके AC की उम्र बढ़ा सकती है और जेब पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ टाल सकती है।
सबसे अहम बात यह है कि लंबे समय तक बंद रहने के कारण AC के अंदर धूल, नमी और कचरा जमा हो जाता है। ऐसे में बिना जांच के सीधे मशीन चालू कर देना कंप्रेसर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। कई बार गंदगी की वजह से कूलिंग कम हो जाती है, बिजली की खपत बढ़ जाती है और मशीन ओवरहीट होने लगती है। इसलिए पहली बार चलाने से पहले सर्विस कराना समझदारी है। अगर तकनीशियन तुरंत उपलब्ध न हो तो कम से कम फिल्टर जरूर साफ कर लें, क्योंकि गंदा फिल्टर ही कूलिंग में सबसे बड़ी रुकावट बनता है।
घर पर भी कुछ बेसिक सफाई की जा सकती है। फिल्टर को धोकर सुखाया जा सकता है। कॉइल पर जमी धूल को नरम ब्रश से हटाया जा सकता है। विंडो AC या स्प्लिट AC के आउटडोर यूनिट पर जमी गंदगी को पानी की तेज धार से साफ करना फायदेमंद रहता है। आउटडोर यूनिट की जाली पर धूल जम जाना आम बात है, जिससे हवा का प्रवाह रुकता है और मशीन पर अतिरिक्त लोड पड़ता है। इसलिए यह देखना जरूरी है कि यूनिट के आसपास पर्याप्त खुली जगह हो ताकि एयरफ्लो बाधित न हो।
AC चालू करने के बाद उसकी आवाज पर भी ध्यान देना चाहिए। अगर कंप्रेसर या फैन से खड़खड़ाहट या असामान्य आवाज सुनाई दे तो तुरंत मशीन बंद कर दें और जांच करवाएं। छोटी सी आवाज भविष्य में बड़ी मरम्मत का संकेत हो सकती है।
एक और जरूरी हिस्सा है ड्रेन पाइप। लंबे समय तक बंद रहने पर इसमें गंदगी जम जाती है, जिससे पानी टपकने या लीकेज की समस्या पैदा हो सकती है। कई बार कमरे की दीवारों पर पानी के दाग और सीलन इसी वजह से बनती है। इसलिए AC ऑन करने से पहले पाइप की स्थिति की जांच करना बेहद जरूरी है।
चूंकि AC एक हाई पावर डिवाइस है, इसलिए उसकी वायरिंग, प्लग और स्टेबलाइजर की हालत भी ठीक होनी चाहिए। ढीले कनेक्शन या कटे तार शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ा सकते हैं। वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से कंप्रेसर को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए स्टेबलाइजर का सही तरीके से काम करना जरूरी है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सीधे कूलिंग मोड में AC चलाने के बजाय पहले कुछ मिनट फैन मोड पर चलाएं। इससे अंदर जमी हल्की धूल बाहर निकल जाती है और मशीन की शुरुआती स्थिति का अंदाजा लग जाता है। अगर कोई तकनीकी समस्या होगी तो वह बिना कंप्रेसर पर दबाव डाले सामने आ जाएगी। थोड़ी सी सतर्कता न केवल AC की लाइफ बढ़ाती है बल्कि पूरी गर्मी में बेहतर कूलिंग और कम बिजली बिल की गारंटी भी देती है।
Akhil Mahajan