NDPS केस में 10 साल की सजा के चलते कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन रद्द
अंबाला नगर निगम चुनाव में NDPS केस में सजा पाए कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन रद्द हो गया, जबकि उनकी पत्नी का नामांकन मंजूर हुआ, जिससे चुनावी समीकरण बदल गए।
➤ NDPS केस में 10 साल की सजा के चलते कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन रद्द
➤ पत्नी प्रियंका शर्मा का कवरिंग कैंडिडेट नामांकन मंजूर
➤ अंबाला नगर निगम चुनाव में बढ़ी सियासी हलचल
हरियाणा के Ambala में नगर निगम चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी संजीव शर्मा का नामांकन रद्द कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, वार्ड-3 से कांग्रेस प्रत्याशी बनाए गए संजीव शर्मा को NDPS एक्ट के एक मामले में स्थानीय अदालत द्वारा 10 साल की सजा सुनाई जा चुकी है। हालांकि उन्होंने इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी हुई है और मामला अभी लंबित है, लेकिन सजा के आधार पर उनका नामांकन अमान्य कर दिया गया।
संजीव शर्मा ने अपने नामांकन पत्र में इस केस का उल्लेख भी किया था। इसके बावजूद चुनाव नियमों के तहत उनकी उम्मीदवारी खारिज कर दी गई। इसी बीच, उनकी पत्नी प्रियंका शर्मा, जिन्होंने कवरिंग कैंडिडेट के तौर पर नामांकन भरा था, उनका नामांकन सही पाया गया है। अब संभावना जताई जा रही है कि कांग्रेस पार्टी वार्ड-3 से प्रियंका शर्मा को ही आधिकारिक समर्थन दे सकती है।
नगर निगम चुनाव के इस घटनाक्रम ने स्थानीय सियासत को गरमा दिया है। अंबाला में मेयर पद के लिए तीन प्रमुख उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें भाजपा की अक्षिता सैनी, कांग्रेस की कुलविंदर कौर सैनी और निर्दलीय सोनिया रानी शामिल हैं।
वहीं, कुल 20 वार्डों के लिए 77 नामांकन दाखिल किए गए हैं। 28 अप्रैल को नाम वापसी की अंतिम तिथि है, जिसके बाद चुनावी मैदान की तस्वीर साफ होगी। इससे पहले भी कांग्रेस में टिकट को लेकर हलचल देखने को मिली थी। वार्ड-19 में नामांकन के अंतिम दिन पार्टी ने आखिरी समय में प्रत्याशी बदल दिया था, जिससे कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी रही। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम का असर चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है और आने वाले दिनों में मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।
Akhil Mahajan