CID कर्मी के भाई की शिकायत पर बस हादसे में FIR दर्ज

भिवानी बस हादसे में CID ASI सुनील कुमार की मौत के बाद उनके भाई की शिकायत पर FIR दर्ज हुई है। बस में विस्फोटक पदार्थ और फायर सेफ्टी न होने के आरोप लगाए गए हैं। फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद जांच आगे बढ़ेगी।

CID कर्मी के भाई की शिकायत पर बस हादसे में FIR दर्ज

CID कर्मी के भाई की शिकायत पर बस हादसे में FIR दर्ज
बस में विस्फोटक पदार्थ और फायर सेफ्टी न होने के आरोप
फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद जांच की दिशा होगी तय

बस में लगी आग से उठती लपटें।

भिवानी में हांसी जा रही एक प्राइवेट बस में आग लगने से हुए दर्दनाक हादसे ने अब नया मोड़ ले लिया है। इस हादसे में जिंदा जलकर जान गंवाने वाले CID के ASI सुनील कुमार के भाई की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। शिकायत में बस के अंदर विस्फोटक पदार्थ होने और आग बुझाने के उपकरण न होने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर बस के ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पूरे मामले की दिशा फॉरेंसिक रिपोर्ट तय करेगी।

धमाके के बाद लगी आग, दो लोगों की जिंदा जलकर मौत

गांव बड़सी जाटान निवासी अनिल कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका छोटा भाई सुनील कुमार CID भिवानी में ASI के पद पर कार्यरत था और उसकी ड्यूटी बवानीखेड़ा क्षेत्र में थी।

27 अप्रैल की शाम जब परिवार ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, तो फोन नहीं लग पाया। बाद में पता चला कि गांव मिलकपुर के पास हांसी की ओर जा रही एक प्राइवेट बस में अचानक तेज धमाका हुआ, जिसके बाद बस में भीषण आग लग गई।

भिवानी एसपी सुमित कुमार जानकारी देते हुए।

                               भिवानी एसपी सुमित कुमार जानकारी देते हुए।

बस में करीब 20 यात्री सवार थे। हादसे में 2 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि लगभग 12 लोग झुलसकर घायल हो गए। मृतकों में एक सुनील कुमार होने की आशंका पर परिवार ने DNA टेस्ट कराया, जिसकी रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि बस ब्लास्ट में उसकी मौत हुई।

भाई का आरोप—बस में रखा गया था विस्फोटक पदार्थ

शिकायतकर्ता अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि बस के अंदर ड्राइवर और कंडक्टर द्वारा कोई विस्फोटक पदार्थ, पेट्रोल या ज्वलनशील सामग्री रखी गई थी, जिसकी वजह से ब्लास्ट हुआ और बस में आग फैल गई।

उन्होंने यह भी कहा कि उनके भाई सुनील ने अपनी जान की परवाह किए बिना अन्य यात्रियों, खासकर महिलाओं को बाहर निकालने की कोशिश की। इसी दौरान वह खुद आग की चपेट में आ गया।

इस हादसे में सेवा नगर निवासी बलजीत सिंह की भी मौत हुई।

फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं था, बच सकती थी जान

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि बस में फायर एक्सटिंग्विशर (आग बुझाने का यंत्र) मौजूद नहीं था। यदि समय पर आग बुझाने की व्यवस्था होती, तो शायद सुनील कुमार की जान बचाई जा सकती थी।

उनका कहना है कि यह सीधी लापरवाही है, जिसकी जिम्मेदारी बस ड्राइवर और कंडक्टर की बनती है। उन्होंने मामले की गहराई से जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

SP बोले—सुनील ने दिखाई बहादुरी, रिपोर्ट के बाद तय होगी जांच

भिवानी SP सुमित कुमार ने बताया कि घायलों के बयानों में सामने आया है कि पुलिसकर्मी सुनील कुमार ने अपनी जान की परवाह किए बिना अन्य यात्रियों को बचाने का प्रयास किया। उसने महिलाओं को बस से बाहर निकालने की कोशिश की, जो बेहद बहादुरी का काम है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल बयानों के आधार पर FIR दर्ज की गई है। अभी फॉरेंसिक, बैलेस्टिक और वाहन के मैकेनिकल निरीक्षण की रिपोर्ट आना बाकी है। इन्हीं रिपोर्ट्स के आधार पर आगे की जांच की दिशा तय की जाएगी।