पंचकूला एनकाउंटर में घायल बदमाशों ने हथियार सप्लाई का नया तरीका बताया
पंचकूला एनकाउंटर में घायल बदमाशों ने खुलासा किया कि अब हथियार सप्लायर सीधे नहीं मिलते, बल्कि लोकेशन और फोटो भेजकर हथियार पहुंचाते हैं। करनाल के नीलकंठ ढाबे पर फायरिंग की योजना भी सामने आई है।
■ पंचकूला एनकाउंटर में घायल बदमाशों ने हथियार सप्लाई का नया तरीका बताया
■ अब सप्लायर सीधे नहीं मिलते, सिर्फ लोकेशन और फोटो भेजते हैं
■ करनाल के नीलकंठ ढाबे पर फायरिंग की थी तैयारी
हरियाणा के पंचकूला में वीरवार शाम पुलिस की ANC टीम द्वारा किए गए एनकाउंटर के बाद अपराध जगत से जुड़ा एक बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए दो बदमाशों राहुल और मुकेश ने पूछताछ में बताया कि अब हथियार सप्लाई का तरीका पूरी तरह बदल चुका है।
उन्होंने खुलासा किया कि अब हथियार सप्लायर खुद सामने नहीं आते, बल्कि गैंग लीडर शूटरों को केवल लोकेशन और हथियार की फोटो भेजता है। शूटर उसी जगह से हथियार उठाकर ले जाते हैं। इससे पुलिस के लिए सप्लायर तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है।
यह दोनों बदमाश कैथल के चीका स्थित शक्ति नगर के रहने वाले हैं और इनका संबंध नौनी राणा और मोनू गुर्जर गैंग से बताया जा रहा है।
एनकाउंटर में दोनों तरफ से 6 राउंड फायरिंग
पुलिस के अनुसार, एनकाउंटर के दौरान दोनों तरफ से कुल 6 राउंड फायरिंग हुई। इस दौरान बदमाश राहुल और मुकेश के पैर में एक-एक गोली लगी।
दोनों के पास से एक-एक पिस्टल भी बरामद की गई है। घायल हालत में उन्हें तुरंत पंचकूला के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पुलिस पहरे में उनका इलाज चल रहा है।
जैसे ही डॉक्टर उन्हें डिस्चार्ज करेंगे, पुलिस औपचारिक गिरफ्तारी करेगी।
चौकी गांव से लिए थे हथियार
पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि उन्होंने पंचकूला के चौकी गांव से हथियार लिए थे। जब पुलिस ने सप्लायर के नाम पूछे, तो सामने आया कि गैंग अब सीधे संपर्क से बचने के लिए नई रणनीति अपना रहे हैं।
गैंग लीडर शूटरों को केवल हथियार रखने की लोकेशन और फोटो भेज देता है। इसके बाद शूटर मौके पर पहुंचकर हथियार उठा लेते हैं। इस तकनीक से सप्लायर की पहचान छिपी रहती है और पुलिस की जांच मुश्किल हो जाती है।
करनाल के नीलकंठ ढाबे पर करनी थी फायरिंग
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों बदमाश हथियार लेने के बाद पंचकूला के किसी ठिकाने पर रुकने वाले थे। इसके बाद अगला निशाना करनाल का नीलकंठ ढाबा था।
जानकारी के अनुसार, ढाबा संचालक से पहले 5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई थी। रकम न मिलने पर वहां फायरिंग की योजना बनाई गई थी।
इस खुलासे के बाद पुलिस ने सुरक्षा और जांच दोनों बढ़ा दी हैं।
ढाबा मालिक बोला—5 महीने पहले मांगी थी फिरौती
नीलकंठ ढाबा के मालिक भूपेंद्र लाठर ने बताया कि करीब 5 महीने पहले उनसे 5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई थी।
उन्होंने पैसे देने से साफ मना कर दिया था और उस समय पुलिस में शिकायत भी नहीं की थी। बाद में कोई धमकी नहीं आई, तो उन्होंने मामला शांत मान लिया था।
लेकिन अब जब पुलिस ने इस फायरिंग प्लान की जानकारी दी, तो उनकी चिंता फिर बढ़ गई है।
पहले से दर्ज हैं गंभीर मामले
राहुल और मुकेश उर्फ सोनू पर पहले से ही आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
अब चंडीमंदिर थाना पुलिस ने भी दोनों के खिलाफ BNS की कई धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत नया मामला दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि आगे पूछताछ में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
shubham