अंबाला रिंग रोड का 90% काम पूरा, पांच नेशनल हाईवे जुड़ने से पंजाब-UP-हिमाचल का सफर होगा आसान
अंबाला रिंग रोड परियोजना का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। पांच नेशनल हाईवे को जोड़ने वाले इस मार्ग से पंजाब, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश की कनेक्टिविटी बेहतर होगी तथा अंबाला शहर को ट्रैफिक और जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
➤ अंबाला रिंग रोड परियोजना का करीब 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा
➤ पांच बड़े नेशनल हाईवे आपस में जुड़ेंगे, शहर के ट्रैफिक और जाम से मिलेगी राहत
➤ पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों की कनेक्टिविटी होगी बेहतर
अंबाला। हरियाणा की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल अंबाला रिंग रोड का करीब 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना के पूरा होने के बाद पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर आने-जाने वाले लाखों वाहन चालकों को अंबाला शहर के व्यस्त यातायात और जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। रिंग रोड क्षेत्र के पांच प्रमुख नेशनल हाईवे को आपस में जोड़ेगा, जिससे लंबी दूरी के वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश किए बिना अपने गंतव्य की ओर निकलने का वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। परियोजना से स्थानीय यातायात का दबाव कम होने के साथ मालवाहक वाहनों के समय और परिवहन लागत में भी कमी आने की संभावना है।
निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं के कारण परियोजना की गति प्रभावित हुई थी। अब इन बाधाओं को काफी हद तक दूर कर लिया गया है और निर्माण कार्य अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है।
करीब 40 किलोमीटर लंबा होगा रिंग रोड
अंबाला रिंग रोड को करीब 40 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग के रूप में विकसित किया जा रहा है। भविष्य में बढ़ते यातायात को ध्यान में रखते हुए भूमि का अधिग्रहण छह लेन की जरूरत के अनुसार किया गया है, ताकि आगे विस्तार के दौरान अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की बड़ी समस्या सामने न आए।
परियोजना के लिए करीब 30 गांवों की 657 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई है। इनमें पंजाब के तीन गांव भी शामिल बताए गए हैं। रिंग रोड के आसपास भविष्य में शहरी विस्तार की संभावनाओं को देखते हुए नए सेक्टर विकसित करने की योजना भी क्षेत्र के विकास को नई दिशा दे सकती है।
पांच नेशनल हाईवे को जोड़ेगा नया रिंग रोड
अंबाला रिंग रोड की सबसे बड़ी विशेषता इसकी मल्टी-हाईवे कनेक्टिविटी होगी। इसके माध्यम से क्षेत्र के पांच महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे आपस में जुड़ेंगे।
यमुनानगर और जगाधरी की ओर से आने वाले वाहन अंबाला शहर के व्यस्त हिस्सों में प्रवेश किए बिना सीधे सद्दोपुर की ओर निकल सकेंगे। इसी तरह पंजाब और अमृतसर की दिशा में जाने वाले वाहन रिंग रोड के माध्यम से सीधे जीटी रोड पकड़ सकेंगे।
हिसार की ओर जाने वाले वाहनों को भी शहर के ट्रैफिक में फंसने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा अंबाला-शामली परियोजना की कनेक्टिविटी भी रिंग रोड से होने के कारण उत्तर प्रदेश की दिशा में सड़क संपर्क और मजबूत होगा।
शहर के जाम और भारी वाहनों के दबाव में आएगी कमी
अंबाला उत्तर भारत के महत्वपूर्ण सड़क जंक्शनों में शामिल है। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के विभिन्न हिस्सों की ओर जाने वाले बड़ी संख्या में वाहन इस क्षेत्र से गुजरते हैं। इसके कारण शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है।
रिंग रोड शुरू होने के बाद लंबी दूरी और मालवाहक वाहनों को शहर के अंदर आने की आवश्यकता कम होगी। इससे स्थानीय यातायात को राहत, यात्रा के समय में कमी और ईंधन की बचत होने की उम्मीद है।
पुल, फ्लाईओवर और अंडरपास से मजबूत होगी कनेक्टिविटी
परियोजना के तहत सड़क के साथ कई महत्वपूर्ण संरचनाओं का भी निर्माण किया जा रहा है। उपलब्ध परियोजना विवरण के अनुसार, इसमें बड़े और छोटे पुल, रेलवे ओवरब्रिज, फ्लाईओवर, इंटरचेंज, आवागमन पॉइंट और व्हीकुलर अंडरपास जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
स्थानीय यातायात की सुविधा के लिए लंबी सर्विस रोड का भी निर्माण किया गया है। पानी की निकासी और निर्बाध यातायात के लिए बड़ी संख्या में पुलियों की व्यवस्था परियोजना का हिस्सा है।
व्यापार और उद्योग को भी मिलेगा फायदा
अंबाला रिंग रोड केवल यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि व्यापार और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच माल ढुलाई करने वाले वाहनों को शहर के ट्रैफिक से बचने का सीधा विकल्प मिलेगा।
इससे मालवाहक वाहनों का यात्रा समय कम होने और परिचालन लागत में कमी आने की संभावना है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण रिंग रोड से जुड़े क्षेत्रों में भविष्य में औद्योगिक, व्यावसायिक और शहरी विकास को भी गति मिल सकती है।
प्रधानमंत्री से शुभारंभ की तैयारी
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परियोजना के शुभारंभ को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 जुलाई को जींद से इसके शुभारंभ का कार्यक्रम प्रस्तावित बताया गया है। निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंचने के साथ अब लोगों की नजर इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना के पूरी तरह यातायात के लिए खुलने पर है।
Akhil Mahajan