पानीपत में CISF ने मनाया अग्निशमन सेवा सप्ताह-2026, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

CISF ने पानीपत के NFL में अग्निशमन सेवा सप्ताह-2026 का शुभारंभ किया। 1944 मुंबई अग्निकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए अग्नि सुरक्षा जागरूकता का संदेश दिया गया।

पानीपत में CISF ने मनाया अग्निशमन सेवा सप्ताह-2026, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

CISF द्वारा NFL पानीपत में अग्निशमन सेवा सप्ताह-2026 का शुभारंभ
1944 मुंबई अग्निकांड के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का लिया संकल्प


हरियाणा के पानीपत स्थित नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) इकाई में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की अग्निशमन शाखा द्वारा अग्निशमन सेवा सप्ताह-2026 का भव्य शुभारंभ किया गया। इस वर्ष यह सप्ताह “सुरक्षित विद्यालय, सुरक्षित अस्पताल एवं अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक समाज - आग की रोकथाम के लिए एक साथ” जैसे प्रेरणादायक नारे के साथ मनाया जा रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत 14 अप्रैल 1944 को मुंबई डॉकयार्ड में हुई भीषण अग्नि दुर्घटना में वीरगति प्राप्त करने वाले अग्निशमन शहीदों को श्रद्धांजलि देकर की गई। इस दौरान सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन धारण कर शहीदों को नमन किया

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आई.पी. सिंह, मुख्य महाप्रबंधक, NFL पानीपत उपस्थित रहे। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए और कार्यक्रम को संबोधित किया।

कार्यक्रम के दौरान सहायक कमांडेंट ओमप्रकाश ने अग्निशमन सेवा दिवस के ऐतिहासिक महत्व और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आग से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है।

मुख्य अतिथि आई.पी. सिंह ने इस मौके पर उपस्थित अग्निशमन जवानों को संयंत्र और घरों में होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं को रोकने तथा जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने के लिए निष्ठापूर्वक कार्य करने की शपथ दिलाई। साथ ही उन्होंने सभी से समाज में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।

इस कार्यक्रम में निरीक्षक संतोष कुमार सिन्हा, निरीक्षक सुरेश प्रसाद, उप-निरीक्षक राहुल सिंह और सहायक उप-निरीक्षक वीर सिंह गुर्जर सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

अग्निशमन सेवा सप्ताह के माध्यम से आमजन को आग से बचाव के उपायों और सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।