दिल्ली में पीएम मोदी से मिले सीएम सैनी, भारत-ईयू व्यापार समझौते और 20 फरवरी से शुरू बजट सत्र पर हुई अहम चर्चा
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते और 20 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र पर चर्चा की। निर्यात वृद्धि और निवेश को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं।
➤ दिल्ली दौरे पर सीएम नायब सैनी की पीएम मोदी से मुलाकात
➤ भारत-यूरोपियन यूनियन मुक्त व्यापार समझौते पर विस्तृत चर्चा
➤ 20 फरवरी से हरियाणा बजट सत्र, विकास एजेंडे पर मंथन
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। यह बैठक नई दिल्ली में आयोजित एक प्रमुख बिज़नेस समिट के दौरान हुई। फोटो सेशन में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री सैनी को अपने बगल में स्थान देकर राजनीतिक और प्रशासनिक समन्वय का स्पष्ट संकेत दिया। मुलाकात के दौरान आगामी 20 फरवरी से शुरू होने वाले हरियाणा के बजट सत्र को लेकर भी व्यापक विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में भारत-यूरोपियन यूनियन मुक्त व्यापार समझौते को लेकर विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सैनी ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केवल व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि विश्वास, साझेदारी और साझा विकास यात्रा का सेतु है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के 27 देशों का विशाल और समृद्ध बाजार हरियाणा के उत्पादों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहा है।
हरियाणा-ईयू वर्किंग ग्रुप की घोषणा
सीएम सैनी ने हरियाणा-यूरोपियन यूनियन वर्किंग ग्रुप के गठन की घोषणा करते हुए कहा कि यह समूह प्रदेश के उद्योगों, किसानों और उद्यमियों को सीधे यूरोपीय बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें ताकि हरियाणा के उत्पादों की वैश्विक विश्वसनीयता और मजबूत हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी सेवाएं, डेटा साइंस और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में हरियाणा के युवाओं के लिए यूरोप में बड़े अवसर खुलेंगे। अनुमान है कि इस समझौते से निर्यात में 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। कपड़ा, चमड़ा और हस्तशिल्प उद्योगों को शून्य सीमा शुल्क व्यवस्था का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनके उत्पाद यूरोप में प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध होंगे।
किसानों और एमएसएमई को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हरियाणा के फल, सब्जियां और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद सीधे ब्रुसेल्स, बर्लिन और पेरिस जैसे प्रमुख यूरोपीय बाजारों तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश की वास्तविक शक्ति उसके सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों में निहित है। यूरोपीय तकनीक और हरियाणा के कुशल श्रम का संगम उत्पादन क्षमता को वैश्विक स्तर तक ले जाएगा।
निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल
सीएम सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली को सरल बनाया है। आधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और श्रम कानूनों में सुधार कर प्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक बनाया गया है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि निवेशक हरियाणा आएं और विकास यात्रा में सहभागी बनें।
उन्होंने प्रधानमंत्री के उस संकल्प को दोहराया जिसमें भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही 2047 तक हरियाणा की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने की दिशा में कार्य करने का संकल्प भी व्यक्त किया।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता प्रदेश के औद्योगिक इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगा। सरकार ‘मेक इन हरियाणा’ औद्योगिक नीति लाने की तैयारी में है, जिसका मूल मंत्र यूरोपीय गुणवत्ता और भारतीय प्रतिभा का संगम है।
Akhil Mahajan