खैर कटान मामले में बड़ा एक्शन, हरियाणा में 11 वन अधिकारियों के तबादले
हरियाणा में खैर कटान मामले के बीच 11 वन अधिकारियों के तबादले, बी. निवेदिता को पद से हटाया गया, सरकार ने जवाबदेही तय करने के लिए बड़ा कदम उठाया।
➤ खैर कटान मामले में हरियाणा सरकार का बड़ा प्रशासनिक एक्शन
➤ 11 वन अधिकारियों के तबादले, बी. निवेदिता को पद से हटाया गया
➤ यमुनानगर से पंचकूला तक जिम्मेदारियों में बड़ा फेरबदल
हरियाणा में खैर कटान और तस्करी के चर्चित मामले के बीच सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। चंडीगढ़, पंचकूला से यमुनानगर तक फैले संरक्षित वन क्षेत्रों में चल रहे विवाद के बीच 11 आईएफएस और एचएफएस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं।
इस फेरबदल में सबसे बड़ा फैसला पंचकूला की जिम्मेदारी संभाल रहीं महिला आईएफएस अधिकारी बी. निवेदिता को लेकर लिया गया है। उन्हें चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन के पद से हटा दिया गया है। अब उन्हें कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसे वह पहले अतिरिक्त प्रभार के रूप में देख रही थीं। सरकार के आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
खैर कटान मामले में निलंबित एचएफएस अधिकारी दांगी की जगह अब आईएफएस विरेंद्र सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा आईएफएस नरेश रंगा को डीएफओ (टेरिटोरियल), अंबाला नियुक्त किया गया है।
वहीं एचएफएस प्रशांत शर्मा को डीएफओ, सीड कलेक्शन डिवीजन पिंजौर, संदीप सिंह सैनी को डीएफओ यमुनानगर, नवल किशोर को डीएफओ (टेरिटोरियल) करनाल और गुरुप्रकाश को असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट, हिसार की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके साथ ही हरियाणा फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में भी बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं। चार महाप्रबंधकों (GM) के तबादले करते हुए मोहन लाल वर्मा को गुरुग्राम, रघुबीर सिंह को हिसार, पवन कुमार शर्मा को करनाल और विरेंद्र गोदारा को अंबाला में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार के इस फैसले को खैर कटान प्रकरण में जवाबदेही तय करने और वन विभाग की कार्यप्रणाली को सुधारने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में इस बड़े फेरबदल को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
Akhil Mahajan