हरियाणा राज्यसभा चुनाव में सियासी हलचल तेज, भाजपा ने गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी को बनाया ऑब्जर्वर
हरियाणा राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी को ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। तीन उम्मीदवारों के मैदान में होने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है और संभावित क्रॉस वोटिंग को देखते हुए कांग्रेस ने अपने विधायकों की बैठक बुलाई है।
■ हरियाणा राज्यसभा चुनाव के बीच भाजपा ने गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी को ऑब्जर्वर नियुक्त किया
■ तीन उम्मीदवार मैदान में होने से बढ़ी सियासी हलचल, कांग्रेस ने विधायकों की बैठक बुलाई
■ क्रॉस वोटिंग की आशंका के बीच दोनों दलों की नजर विधायकों पर, आज नामांकन वापसी की अंतिम तिथि
हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव को लेकर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी को चुनाव के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त कर दिया है। भाजपा के इस कदम के बाद कांग्रेस खेमे में भी हलचल बढ़ गई है। पार्टी नेताओं को आशंका है कि भाजपा चुनाव में कोई सियासी रणनीति अपनाकर समीकरण बदल सकती है। इसी को देखते हुए कांग्रेस ने अपने विधायकों की बैठक बुला ली है, ताकि चुनाव को लेकर रणनीति तय की जा सके।
दरअसल, आज राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन वापसी की अंतिम तिथि है। इसके बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि मुकाबला किस रूप में होगा। फिलहाल चुनावी मैदान में तीन प्रमुख उम्मीदवार होने से राजनीतिक समीकरण काफी दिलचस्प हो गए हैं। चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार संजय भाटिया, कांग्रेस के उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के बीच मुकाबले की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।
हरियाणा विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार सदन में कुल 90 सदस्य हैं। संख्या बल के आधार पर एक सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना मानी जा रही है। विधानसभा में कांग्रेस के 37 विधायक हैं, लेकिन निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल की एंट्री के बाद संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर कांग्रेस सतर्क हो गई है। यही वजह है कि पार्टी नेतृत्व अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए लगातार बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं में जुटा हुआ है।
भाजपा की ओर से ऑब्जर्वर बनाए गए हर्ष सांघवी गुजरात के प्रमुख युवा नेताओं में गिने जाते हैं। उनका जन्म वर्ष 1985 में हुआ था और वह माजुरा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक रह चुके हैं। अक्टूबर 2025 में भूपेंद्र पटेल सरकार में उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। इससे पहले वह गुजरात के सबसे कम उम्र के गृह मंत्री भी रह चुके हैं।
राज्यसभा चुनाव को लेकर हरियाणा की राजनीति में फिलहाल रणनीतियों और समीकरणों का दौर जारी है। अब सबकी नजर नामांकन वापसी की प्रक्रिया और उसके बाद बनने वाले अंतिम चुनावी मुकाबले पर टिकी हुई है।
Akhil Mahajan