हरियाणा राज्यसभा चुनाव: भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध ने भरा नामांकन राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी तेज, सीएम सैनी भाटिया के साथ पहुंचे, कांग्रेस के 34 विधायक बौद्ध के समर्थन में
हरियाणा राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध ने चंडीगढ़ में नामांकन दाखिल किया। सीएम नायब सिंह सैनी और पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा अपने-अपने उम्मीदवारों के साथ मौजूद रहे। तीसरे उम्मीदवार को लेकर भी सियासी चर्चा तेज है।
■ हरियाणा राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध ने भरा नामांकन
■ सीएम नायब सिंह सैनी भाटिया के साथ पहुंचे, कांग्रेस प्रत्याशी के साथ 34 विधायक मौजूद
■ तीसरे उम्मीदवार के रूप में सतीश नांदल के नाम की भी चर्चा तेज
चंडीगढ़। हरियाणा में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा की ओर से पूर्व सांसद संजय भाटिया और कांग्रेस की ओर से कर्मवीर सिंह बौद्ध ने गुरुवार को विधानसभा भवन पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया। भाजपा प्रत्याशी के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मौजूद रहे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित पार्टी के 34 विधायक पहुंचे।
कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध ने पहले पार्टी कार्यालय में नामांकन पत्र तैयार किया और इसके बाद विधानसभा पहुंचकर औपचारिक रूप से पर्चा दाखिल किया। बौद्ध पहली बार कोई बड़ा चुनाव लड़ रहे हैं। वे हरियाणा सिविल सचिवालय में प्रशासनिक अधिकारी (ADO) के पद से करीब चार साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी पत्नी श्रम विभाग में असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, कर्मवीर बौद्ध को कांग्रेस हाईकमान तक पहुंचाने में हरियाणा के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की अहम भूमिका रही है। बौद्ध लंबे समय से कांग्रेस के कार्यक्रमों में सक्रिय रहे हैं और ‘संविधान बचाओ अभियान’ से भी जुड़े रहे। अनुसूचित जाति समुदाय से आने के कारण उन्हें सामाजिक संतुलन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण उम्मीदवार माना जा रहा है।
वहीं भाजपा प्रत्याशी संजय भाटिया पानीपत के मॉडल टाउन के रहने वाले हैं और कॉलेज के समय से ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े रहे हैं। वे 2019 में करनाल लोकसभा सीट से सांसद बने थे और उस चुनाव में उनकी जीत का अंतर देश में दूसरे नंबर पर रहा था। 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद से वे संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
इस बीच राजनीतिक गलियारों में सतीश नांदल को राज्यसभा चुनाव में तीसरे उम्मीदवार के रूप में उतारने की चर्चा भी तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि उन्हें तुरंत प्रभाव से चंडीगढ़ बुलाया गया और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उनकी मुलाकात भी हुई है। यदि भाजपा तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतारती है तो राज्यसभा चुनाव दिलचस्प हो सकता है और वोटिंग की नौबत भी आ सकती है।
राज्यसभा चुनाव का गणित समझिए
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं, जिनमें भाजपा के 48, कांग्रेस के 37, निर्दलीय 3 और इनेलो के 2 विधायक शामिल हैं। राज्यसभा की दो सीटों के लिए जीत का कोटा 31 वोट तय किया गया है।
यदि भाजपा और कांग्रेस केवल एक-एक उम्मीदवार उतारती हैं तो दोनों के पास अपने-अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए पर्याप्त वोट हैं और चुनाव निर्विरोध हो सकता है। लेकिन यदि भाजपा तीसरा उम्मीदवार उतारती है तो जीत के लिए उसे क्रॉस वोटिंग की जरूरत पड़ेगी।
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