NEET मुद्दे पर आज पूरे हिमाचल में कांग्रेस का कैंडल मार्च, CM सुक्खू की भावुक अपील

NEET पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और छात्रों के समर्थन में आज हिमाचल कांग्रेस सभी जिलों में कैंडल मार्च निकालेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है।

NEET मुद्दे पर आज पूरे हिमाचल में कांग्रेस का कैंडल मार्च, CM सुक्खू की भावुक अपील
  • NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में आज पूरे हिमाचल में कैंडल मार्च
  • मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने युवाओं के समर्थन में लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील की
  • कांग्रेस ने सभी जिलों में शाम 7 बजे प्रदर्शन के लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिए निर्देश

हिमाचल प्रदेश में NEET पेपर लीक, CBSE परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में कांग्रेस आज (शनिवार) पूरे प्रदेश में कैंडल मार्च निकालेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने सभी जिला अध्यक्षों को शाम 7 बजे जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर भी कैंडल मार्च निकाला जाएगा। इसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, कई कैबिनेट मंत्री, कांग्रेस नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। कांग्रेस का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक वीडियो संदेश जारी कर प्रदेशवासियों से कैंडल मार्च में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों की आत्मा की शांति के लिए लोगों को इस कार्यक्रम में भाग लेना चाहिए और युवाओं के साथ एकजुटता दिखानी चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के कारण युवाओं को अपनी पढ़ाई छोड़कर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। पार्टी का कहना है कि वह इन मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरने और युवाओं की आवाज बुलंद करने की रणनीति पर काम कर रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने सभी विधायक, पूर्व विधायक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस इकाइयों, अग्रणी संगठनों, विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों, नगर निगमों के कांग्रेस पार्षदों और अन्य जनप्रतिनिधियों को कैंडल मार्च में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए हैं।

कांग्रेस का कहना है कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को आम जनता तक पहुंचाएगी और युवाओं के हितों से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाती रहेगी।