हरियाणा में अश्लील कंटेंट के खिलाफ महापंचायत, 100 से अधिक खापों की मौजूदगी

रोहतक के महम में सोशल मीडिया पर बढ़ती अश्लीलता और गन कल्चर के खिलाफ महापंचायत शुरू हुई। 100 से अधिक खापों के प्रतिनिधि पहुंचे और सामाजिक मुद्दों पर मंथन किया गया।

हरियाणा में अश्लील कंटेंट के खिलाफ महापंचायत, 100 से अधिक खापों की मौजूदगी
  • महम में सोशल मीडिया की अश्लीलता और गन कल्चर के खिलाफ महापंचायत शुरू
  • 8 साल की अवनि ने समाज से गंदे कंटेंट को हटाने का किया आह्वान
  • 100 से अधिक खापों के प्रतिनिधियों और कई कलाकारों को भेजा गया न्योता

हरियाणा के रोहतक जिले के महम स्थित ऐतिहासिक चौबीसी चबूतरे पर सोशल मीडिया पर बढ़ती अश्लीलता और गन कल्चर के विरोध में शनिवार को महापंचायत शुरू हो गई। पंचायत की शुरुआत 8 वर्षीय बच्ची अवनि ने की। उसने कहा कि समाज से गंदे कंटेंट और बिगड़ती संस्कृति को खत्म करने के लिए सभी को मिलकर आगे आना होगा।

रोहतक के महम में चौबीसी चबूतरे पर आयोजित पंचायत में मौजूद खाप प्रतिनिधि। - Dainik Bhaskar

इस महापंचायत में उत्तर भारत की 100 से अधिक खाप पंचायतों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। आयोजकों के अनुसार भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत के भी शामिल होने की संभावना है। वहीं हरियाणवी कलाकार अजय हुड्डा, एमडी देसी रॉकस्टार, वीर साहू समेत कई कलाकारों को भी निमंत्रण भेजा गया है।

चौबीसी खाप के प्रधान सुभाष गोयत ने बताया कि यह महापंचायत हरियाणवी संस्कृति को प्रभावित कर रहे 'गन और गंदा कल्चर' के खिलाफ सामाजिक जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि समाज में फैल रही अश्लीलता और अन्य सामाजिक बुराइयों पर सामूहिक चर्चा कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि पंचायत में करीब 3 हजार लोगों के बैठने और भोजन की व्यवस्था की गई है। उत्तर भारत की विभिन्न खापों के प्रतिनिधियों के अलावा सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों की भी बड़ी संख्या में भागीदारी की उम्मीद है।

महापंचायत में केवल सोशल मीडिया की अश्लीलता ही नहीं, बल्कि लिव-इन रिलेशनशिप, दहेज प्रथा, एक गोत्र में विवाह, एक गांव में विवाह, मृत्यु भोज जैसी सामाजिक कुरीतियों पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा गौशालाओं में चंदा जुटाने के लिए आयोजित होने वाले स्टेज डांस जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

इस दौरान हरियाणवी गायक रामकेश जीवनपुरिया ने मंच से कहा कि यदि हमारी संस्कृति समाप्त हो गई तो समाज की पहचान भी खत्म हो जाएगी। उन्होंने कलाकारों से समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने और अश्लीलता से दूर रहकर सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की अपील की।

महापंचायत के दौरान कई प्रमुख खापों के प्रतिनिधि पहुंचे। इनमें हुड्डा, दलाल, दहिया, अहलावत, राठी, सांगवान, गोयत, ग्रेवाल, देशवाल सहित अनेक खापों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।

महम चौबीसी का चबूतरा ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे वर्ष 1857 की क्रांति के शहीदों की स्मृति से जुड़ा स्थल माना जाता है। लंबे समय से यह स्थान 24 गांवों के सामूहिक निर्णय और सामाजिक एकजुटता का प्रमुख केंद्र रहा है।