हरियाणा में ESIC शाखा प्रबंधक 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार
HSSC CET ग्रुप-डी भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 3 जुलाई है। अब तक 11.21 लाख अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 8.77 लाख ने आवेदन फाइनल सबमिट किया है।
- बहादुरगढ़ में ESIC शाखा प्रबंधक 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार
- दिव्यांग कर्मचारी की अपंगता सहायता राशि जारी करने के बदले मांगी थी रिश्वत
- एसीबी ने ट्रैप लगाकर की कार्रवाई, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के शाखा प्रबंधक कुलदीप सिंह को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक दिव्यांग कर्मचारी की अपंगता सहायता राशि जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार, कच्चा बाग निवासी मंजू के पति रोहताश एक फैक्ट्री में इलेक्ट्रिशियन के रूप में कार्यरत थे। करीब दो वर्ष पहले ड्यूटी के दौरान हुए हादसे में वह अस्थायी रूप से दिव्यांग हो गए थे। नियमानुसार उन्हें करीब 2.40 लाख रुपए की अपंगता सहायता राशि मिलनी थी।
आरोप है कि सहायता राशि जारी करने के एवज में ESIC शाखा प्रबंधक कुलदीप सिंह ने 40 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। इससे परेशान होकर मंजू ने पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी भिवानी की टीम ने मामले का सत्यापन किया। रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर इंस्पेक्टर जगजीत सिंह के नेतृत्व में ट्रैप की योजना बनाई गई।
गुरुवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को 40 हजार रुपए दिए, पहले से मौके पर तैनात एसीबी टीम ने उसे रिश्वत की रकम सहित रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी शाखा प्रबंधक से पूछताछ की जा रही है। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि इस मामले में कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल था या नहीं। एसीबी का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में भी हड़कंप मच गया है।
pooja