बाबा रामदेव का Gen Z पर बयान, बोले- युवा अच्छा कर रहे लेकिन कुछ हिंसा और नशे की चपेट में
बाबा रामदेव ने Gen Z युवाओं को लेकर बयान दिया। उन्होंने युवाओं के अच्छे काम के साथ हिंसा, नशे और बदलते रिश्तों पर चिंता जताई।
➤ Gen Z युवाओं को लेकर बाबा रामदेव ने रखी अपनी राय
➤ कुछ युवाओं के बीड़ी-सिगरेट और शराब के आदी होने की कही बात
➤ बोले- कुछ लड़के-लड़कियों के 5-10 बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड होते हैं
भारत की Gen Z यानी नई युवा पीढ़ी को लेकर योगगुरु बाबा रामदेव ने अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि देश के जेन ज़ी युवा कई क्षेत्रों में अच्छा काम कर रहे हैं और आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन इस पीढ़ी का एक हिस्सा ऐसी आदतों और गतिविधियों की चपेट में भी है, जो चिंता का विषय हैं। रामदेव ने खास तौर पर कुछ युवाओं के हिंसा में शामिल होने के साथ-साथ बीड़ी, सिगरेट और शराब के सेवन की बात कही।
बाबा रामदेव के बयान में उन्होंने युवा पीढ़ी के बदलते सामाजिक व्यवहार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ लड़के-लड़कियों के कई रिश्ते होते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, “कुछ लड़के-लड़कियों के 5-10 बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड होते हैं।” उनके इस बयान ने नई पीढ़ी की जीवनशैली, रिश्तों और नशे की आदतों को लेकर बहस को फिर सामने ला दिया है।
रामदेव ने हालांकि पूरी Gen Z को एक ही नजर से देखने के बजाय यह भी कहा कि युवा अच्छा कर रहे हैं। उनका कहना था कि नई पीढ़ी में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो अपनी पढ़ाई, करियर और दूसरे क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन उनके मुताबिक कुछ युवाओं में हिंसा और नशे जैसी प्रवृत्तियां भी दिखाई दे रही हैं।
नशे की आदतों पर जताई चिंता
बाबा रामदेव ने अपने बयान में युवाओं के बीच बीड़ी, सिगरेट और शराब के सेवन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ युवा इन चीजों के आदी हो चुके हैं। युवाओं में बढ़ती ऐसी आदतों को लेकर समय-समय पर सामाजिक और स्वास्थ्य स्तर पर चिंता जताई जाती रही है।
रामदेव का बयान ऐसे समय में सामने आया है जब Gen Z की जीवनशैली, सोशल मीडिया के प्रभाव, रिश्तों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर लगातार चर्चा होती रहती है। नई पीढ़ी के एक बड़े हिस्से का व्यवहार पिछली पीढ़ियों से अलग दिखाई देता है, जिसके कारण सामाजिक बदलाव को लेकर अलग-अलग राय सामने आती रहती हैं।
रिश्तों को लेकर भी दिया उदाहरण
बाबा रामदेव ने युवाओं के आपसी रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लड़के और लड़कियों के एक से अधिक बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड होते हैं। उन्होंने इसी बात को रेखांकित करते हुए 5-10 बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड होने का उदाहरण दिया।
उनकी इस टिप्पणी का एक प्रमुख हिस्सा युवाओं के बदलते रिश्तों और सामाजिक व्यवहार से जुड़ा रहा। बयान में उन्होंने इसे युवा पीढ़ी के उस हिस्से के संदर्भ में रखा, जिसे वह चिंता का विषय मानते हैं।
Gen Z को लेकर बयान से फिर चर्चा
भारत में Gen Z को लेकर पिछले कुछ समय से शिक्षा, रोजगार, सोशल मीडिया, मानसिकता, रिश्तों और जीवनशैली जैसे मुद्दों पर लगातार चर्चा होती रही है। इस पीढ़ी को तकनीक के साथ बड़ी हुई पीढ़ी के तौर पर देखा जाता है। ऐसे में युवाओं को लेकर किसी चर्चित सार्वजनिक व्यक्ति की टिप्पणी तेजी से चर्चा का विषय बन जाती है।
बाबा रामदेव ने अपने बयान में जहां जेन ज़ी के अच्छे काम करने की बात कही, वहीं युवाओं के एक हिस्से में हिंसा, नशे और बदलते रिश्तों को लेकर चिंता जताई। उनके बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है कि नई पीढ़ी के सामने मौजूद सामाजिक चुनौतियों से किस तरह निपटा जाए और युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा को सही दिशा दी जाए।
Akhil Mahajan