मालिक की जान बचाने के लिए कोबरा से भिड़ी पालतू लैब्राडोर जिम्मी, 25 सेकेंड की जंग के बाद चली गई जान

करनाल में पालतू लैब्राडोर जिम्मी ने घर में घुसे ब्लैक कोबरा से भिड़कर अपने मालिक की जान बचाई। कोबरा के डंक से घायल जिम्मी की करीब 8 मिनट बाद मौत हो गई। घटना CCTV में कैद हुई।

मालिक की जान बचाने के लिए कोबरा से भिड़ी पालतू लैब्राडोर जिम्मी, 25 सेकेंड की जंग के बाद चली गई जान

पालतू लैब्रा जिम्मी ने कोबरा से भिड़कर मालिक की जान बचाई

मुंह और पंजे पर डंक लगने के 8 मिनट बाद हुई मौत

करनाल की घटना का CCTV वीडियो आया सामने


हरियाणा के करनाल में इंसान और पालतू जानवर के बीच गहरे रिश्ते की एक भावुक घटना सामने आई है। निसिंग निवासी डॉ. सुमित ठाकुर के घर में घुसे ब्लैक कोबरा से उनकी पालतू फीमेल लैब्राडोर डॉग 'जिम्मी' भिड़ गई। कोबरा के कई बार डंक मारने के बावजूद जिम्मी पीछे नहीं हटी और करीब 25 सेकेंड तक सांप से लड़ती रही। हालांकि जहरीले डंक का असर इतना तेज था कि करीब 8 मिनट बाद उसकी मौत हो गई।

घटना रविवार शाम करीब 6 बजे की बताई जा रही है। डॉ. सुमित ठाकुर अपने दोनों पालतू लैब्राडोर जिम्मी और मैक्स को घुमाने के लिए बाहर निकल रहे थे। तभी घर के गेट से एक ब्लैक कोबरा अंदर घुसता दिखाई दिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, दोनों डॉग सांप की ओर दौड़ पड़े।

मालिक के अनुसार जैसे ही कोबरा ने फन फैलाया, जिम्मी ने उस पर हमला कर दिया। इस दौरान कोबरा ने उसके मुंह और पंजे पर

 कई बार डंक मारे। डंक लगने के बावजूद जिम्मी लगातार कोबरा से लड़ती रही। वहीं दूसरा डॉग मैक्स भी उसके आसपास घूमता रहा ताकि सांप आगे न बढ़ सके।

करीब 25 सेकेंड तक चले इस संघर्ष के बाद कोबरा पास में जाकर गमलों के पीछे छिप गया। इसके बाद जिम्मी और मैक्स उसे ढूंढते भी रहे, लेकिन वह दिखाई नहीं दिया। इसी बीच जिम्मी के शरीर में तेजी से जहर फैलने लगा और लगभग 8 मिनट के भीतर उसने दम तोड़ दिया।

डॉ. सुमित ठाकुर ने तुरंत स्नेकमैन को बुलाया। मौके पर पहुंचे स्नेकमैन ने कोबरा को पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। वहीं वेटनरी डॉक्टर को भी सूचना दी गई, लेकिन डॉक्टर के पहुंचने से पहले ही जिम्मी की मौत हो चुकी थी।

इस पूरी घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें जिम्मी को कोबरा से भिड़ते देखा जा सकता है। डॉ. सुमित ठाकुर का कहना है कि यदि जिम्मी सांप को नहीं रोकती तो कोबरा घर के अंदर पहुंच सकता था और परिवार के किसी सदस्य की जान को खतरा हो सकता था।

डॉ. सुमित ठाकुर कुरुक्षेत्र में IVF सेंटर संचालित करते हैं। उन्होंने बताया कि करीब 9 वर्ष पहले वे जिम्मी और मैक्स को करनाल से अपने घर लाए थे। दोनों परिवार का हिस्सा बन चुके थे। गर्मियों में उनके लिए एसी और कूलर तथा सर्दियों में हीटर की व्यवस्था की जाती थी। परिवार के तीनों बच्चों का भी दोनों डॉग्स से विशेष लगाव था और वे घर की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।